छत्तीसगढ़: बेरोजगारी से तंग युवाओं ने थाली पीट जताया आक्रोश; राष्ट्रपति को ज्ञापन

पढ़े लिखे बेरोजगार युवा भटक रहे है निराश हैं। निरंतर गरीबी बढ़ती जा रही है। सरकार की गलत नीतियों की वजह से आज युवा वर्ग आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहा हैं।

दुमका : भारतीय बेरोजगार मोर्चा की ओर से सोमवार को दुमका के संताल परगना कालेज परिसर के समीप थाली पीटो कार्यक्रम का आयोजन कर सरकार की नीतियों पर प्रहार किया गया। मौके पर मौजूद शिक्षित बेरोजगार युवाओं ने थाली पीटकर आक्रोश जताते हुए सरकार से अविलंब नौकरी मुहैया कराने की दिशा में गंभीर पहल करने की मांग की। भारतीय बेरोजगार मोर्चा के जिला संयोजक मनमोहन मिर्धा ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की वजह से देश भर में रोजगार को लेकर चिंताजनक परिस्थितियां पैदा हुई हैं। लाकडाउन की वजह से पिछले साल से अब तक 13 करोड़ से अधिक नौकरियां चली गई।

एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार हर दिन 38 बेरोजगार आत्महत्या कर रहे हैं। बावजूद इसके बेरोजगारी पर कोई पक्ष, विपक्ष नेता कोई संगठन आवाज नहीं उठा रहा है। भारतीय बेरोजगार मोर्चा ने इस बात को गंभीरता से ध्यान में रखते हुए बढ़ती बेरोजगारी की ओर केंद्र तथा राज्य सरकार के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। इसके दूसरे चरण आज 10 मई को देशव्यापी थाली पीटो कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता सिंकदर रजक ने कहा कि जिन नौकरियों पर पाबंदी लगाई है उनसे पाबंदियां हटाकर अविलंब रिक्त पदों पर बहाली शुरू की जाए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मिथुन दास ने कहा कि कांट्रैक्ट भर्ती के बजाए सरकारी भर्ती शुरू की जाए। विक्रम ने कहा कि उम्र की सीमा खत्म होने से पहले युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाए एवं सरकारी संस्थानों को निजी हाथों में बेचना बंद किया जाय। सभी प्रकार की भर्ती में महिलाओं की संख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व दिया जाए। कार्यक्रम में सिकंदर रजक, आशीष कुमार तुरी, रोहित कुमार दास, अमर कुमार , विकास कुमार, चंदन कुमार, अभिषेक कुमार, राकेश कुमार, स्वाति कुमारी, अर्चना कुमारी, पूजा कुमारी, क्रिस्टोफर हेंब्रम, नितेश यादव, मनीष , मनदीप समेत कई छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

जागरण से साभार

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