महँगाई की मार: रसोई गैस सिलेंडर के दाम हुए एक हजार रुपए, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कीमत

छह सप्ताह के भीतर घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 100 रुपए बढ़ चुके हैं। मई की शुरुआत में वाणिज्यिक गैस सिलेंडर के दाम में भी 102.50 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी हुई थी।

नई दिल्ली: खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाले एलपीजी यानी घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में शनिवार को 50 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई. इस तरह रसोई गैस सिलेंडर के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं.सार्वजनिक क्षेत्र की ईंधन वितरक कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी की. एलपीजी सिलेंडर के दाम में यह वृद्धि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस कीमतों में जारी तेजी के बीच की गई है.

इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में एलपीजी का 14.2 किलोग्राम वाला सिलेंडर 999.50 रुपये का हो गया है. यह रसोई गैस सिलेंडर के दाम का रिकॉर्ड स्तर है.छह सप्ताह के भीतर एलपीजी सिलेंडर के दाम में की गई यह दूसरी वृद्धि है. इसके पहले 22 मार्च को भी ईंधन कंपनियों ने गैस सिलेंडर के दाम में 50 रुपये की वृद्धि की थी.

मई की शुरुआत में सरकार ने वाणिज्यिक इस्तेमाल वाले गैस सिलेंडर के दाम में भी 102.50 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की थी. इस बढ़ोतरी के दाम दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की कीमत 2355.50 रुपये हो चुकी है.इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी ऐसे समय की गई है, जब उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (संयुक्त) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल में खाद्य कीमतों में वृद्धि और ईंधन की कीमतों में वृद्धि के कारण अप्रैल में 7.7 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है.

भू-राजनीतिक तनाव, खाद्य कीमतों को प्रभावित करने वाली गर्मी, विशेष रूप से गेहूं के साथ-साथ ईंधन की कीमतों में वृद्धि के कारण परिवहन लागत में समग्र वृद्धि ने मुद्रास्फीति दर को बढ़ा दिया है, जो मार्च में 17 महीने के उच्चतम 6.95 प्रतिशत पर पहुंच गई थी.युवा कांग्रेस ने बढ़ोतरी के खिलाफ पेट्रोलियम मंत्री के आवास के निकट प्रदर्शन कियाकांग्रेस की युवा इकाई ने घरेलू रसोई गैस की कीमत में बढ़ोतरी के खिलाफ शनिवार को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी के आवास के निकट प्रदर्शन किया.

भारतीय युवा कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की. प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने अपने हाथों में गोबर के उपले और गैस सिलेंडर भी ले रखे थे.

युवा कांग्रेस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने कहा, ‘रसोई गैस सिलेंडर के दाम में आज फिर 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे दिल्‍ली में एलपीजी सिलेंडर का भाव अब 999.50 रुपये हो गया है. जनता सरकार से पूछ रही है कि क्या यही हैं वो अच्छे दिन जिसका सपना दिखाया गया था?’उन्होंने कहा, ‘एलपीजी की बढ़ी कीमत वापस लेकर देशवासियों को राहत दी जाए और एलपीजी गैस की कीमत को 2014 के स्तर पर लेकर आया जाए.’एलपीजी सिलेंडर की कीमत घटाकर 2014 के स्तर पर लाई जाए: कांग्रेस

कांग्रेस ने शनिवार को सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये की ताजा बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार को यह बढ़ोतरी वापस लेनी चाहिए तथा सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर के दाम को घटाकर साल 2014 के समय रही कीमत के बराबर लाना चाहिए.

मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने यह दावा भी किया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले आठ वर्षों में सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर के दाम में 585 रुपये की बढ़ोतरी की है और सब्सिडी भी पूरी तरह खत्म कर दी है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘संप्रग सरकार के दौरान एलपीजी सिलेंडर का दाम 414 रुपये था. हर सिलेंडर पर 827 रुपये की सब्सिडी दी जाती थी. आज सिलेंडर की कीमत 999 रुपये है. सब्सिडी की राशि शून्य है. मोदी सरकार ने उन सभी सुरक्षा कवचों को हटा दिया है जिनकी व्यवस्था कांग्रेस ने आम आदमी की सुरक्षा के लिए की थी.’

उन्होंने कहा, ‘आज लाखों भारतीय परिवार अत्यधिक महंगाई, बेरोजगारी और खराब शासन के खिलाफ एक कठिन लड़ाई लड़ रहे हैं.’उन्होंने कहा, ‘आज करोड़ों घर महंगाई, बेरोजगारी और खराब शासन की वजह से मुश्किल का सामना कर रहे हैं. कांग्रेस पार्टी कभी भी ऐसा नहीं होने देती. हमने हमेशा जरूरतमंद परिवारों की मदद की है और हमेशा करेंगे.’

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘भाजपा मालामाल, जनता बेहाल. भाजपा राज में सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर का दाम ढाई गुना अधिक हो चुका है. रसोई गैस अब मध्यम वर्ग और गरीब वर्ग की पहुंच से बाहर हो चुकी है.’उनके मुताबिक, मई 2014 में सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 414 रुपये थी जो आज 999.50 रुपये हो चुकी है, यानी इसमें 585 रुपये से अधिक की वृद्धि हुई है.सुरजेवाला ने सरकार से आग्रह किया, ‘सब्सिडी वाली रसोई गैस की कीमत को घटाकर 2014 के स्तर पर लाया जाए.’

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार ने गैस सब्सिडी को खत्म करके गरीब और मध्यम वर्ग पर कुठाराघात किया है. 2012-13 में कांग्रेस सरकार में एलपीजी सब्सिडी 39,558 करोड़ रुपये थी. 2013-14 में कांग्रेस सरकार ने 46,458 करोड़ रुपये गैस सब्सिडी दी, जिसे मोदी सरकार ने 2015-16 में 18 करोड़ रुपये और 2016-17 से जीरो कर दिया.’

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पार्टी मुख्यालय में गैस सिलेंडर पर माला चढ़ाकर और सब्जियों के समक्ष अगरबत्ती जलाकर महंगाई को लेकर सरकार पर तंज कसा. उनका कहना था कि यह ‘सिलेंडर की श्रद्धांजलि सभा’ है.

खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘विदेश दौरे से वापस आते ही साहब (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) ने गैस सिलेंडर की कीमत 50 रुपये बढ़ा दी. कभी मोदी जी ने बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर कहा था कि सब्सिडी को सरेंडर करिये. आज यह हालत देख कर लगता है कि सिलेंडर को ही सरेंडर कर दिया जाए.’उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने एलपीजी पर वर्ष 2013-14 में 46,458 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी थी, लेकिन मोदी सरकार ने 2015-16 में घटाकर यह सब्सिडी 18 करोड़ रुपये कर दी और 2016-17 में इसे शून्य कर दिया.

खेड़ा ने कहा, ‘इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिन 23 करोड़ लोगों को संप्रग सरकार ने गरीबी रेखा से ऊपर उठाया था, वे 23 करोड़ लोग फिर से गरीबी रेखा के नीचे चले गए और इसमें 14 करोड़ लोग और बढ़ गए. ऐसे में सरकार के पास बड़ा दिल होना चाहिए, लेकिन इस सरकार के पास दिल ही नहीं है.’

उन्होंने कहा कि इस सरकार ने कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम पिछले महीने 102 रुपये बढ़ा दिए. उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार लोगों को हर तरीके से चोट पहुंचा रही है.खेड़ा ने कहा, ‘हमारी मांग है कि देश को कुछ राहत दीजिए. बढ़ोतरी वापस लीजिए. इसे घटाकर 2014 के दाम के स्तर पर लाइए. देश राहत की भीख मांग रहा है.’

द वायर से साभार

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