टाटा मोटर्स पुणे प्लांट में चार साल के लिए प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष कुल 16,800 रुपये का समझौता

वास्तव में स्थाई श्रमिकों के वेतन में प्रत्यक्ष रूप से 15024 रुपये जबकि अप्रत्यक्ष रूप से 1776 रुपये की मासिक वृद्धि हुई है। कुल राशि तीन किस्तों में बढ़ेगी। अस्थाई श्रमिक समझौते से बाहर हैं।

पुणे (महाराष्ट्र)। टाटा मोटर्स जमशेदपुर प्लांट के बाद मंगलवार को पुणे प्लांट के श्रमिकों के माँगपत्र पर समझौता हस्ताक्षरित हो गया। चार साल के समझौते के तहत के श्रमिकों के वेतन में प्रत्यक्ष रूप से 15024 रुपये तथा अप्रत्यक्ष रूप से 1776 रुपये (कुल 16,800 रुपये) की मासिक वृद्धि हुई है।

समझौता जमशेदपुर प्लांट की तरह पुणे प्लांट में भी चार वर्षों की अवधि (एक सितंबर 2021 से 31 अगस्त 2025 तक) के लिए हुआ है। हालांकि वेतन वृद्धि की पूरी राशि तीन साल में ही मिल जाएगी।

प्रत्यक्ष वृद्धि जमशेदपुर से अधिक

जमशेदपुर में कुल वृद्धि 17000 रुपए मासिक है, जबकि पुणे में 200 रुपए कम 16,800 रुपए मासिक है। लेकिन पुणे में प्रत्यक्ष मासिक वृद्धि 15,024 रुपए है, जो जमशेदपुर से रुपए 1,024 अधिक है। पुणे में कुल राशि तीन किस्तों में बढ़ेगी, जबकि जमशेदपुर में चार साल में राशि का इजाफा होगा। हालांकि जमशेदपुर में इसके साथ 151 अस्थायीकर्मियों के स्थायीकरण पर भी मुहर लगाने में यूनियन सफल रही है।

ज्ञात हो कि इससे पूर्व जमशेदपुर प्लांट में एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2026 तक के लिए समझौता हुआ है। जिसमें प्रत्यक्ष मासिक बृद्धि 14000 रुपये तथा अप्रत्यक्ष मासिक बृद्धि 3000 रुपये की हुई है।

अस्थाई श्रमिकों कोई लाभ नहीं

यह एक विडंबना बन गई है कि लगभग सभी यूनियनें जब भी समझौता करती हैं उसमें अस्थाई- ठेका, कैजुअल, ट्रेनी आदि श्रमिकों को कोई लाभ नहीं होता है। हालांकि इनमें से कई श्रमिक लंबे समय से उनके साथ काम कर रहे होते हैं। टाटा के जमशेदपुर के बाद पुणे प्लांट में भी यही हुआ। समझौता केवल स्थाई श्रमिकों के लिए हुआ है।

वेतन वृद्धि का वितरण

समझौते के मुताबिक प्रथम वर्ष 12600 रुपये, दूसरे वर्ष 2520 रुपये तथा तीसरे वर्ष 1680 रुपये की वृद्धि होगी। प्रथम वर्ष 12600 रुपये में बेसिक में 7812 रुपये, एफडीए में 1260 रुपये तथा वार्षिक इंक्रीमेंट के रूप में 69 रुपये की बृद्धि होगी। यानी इन तीन मदों में 9141 रुपये मासिक बृद्धि होगी।

इसके अलावा प्रथम वर्ष पोशाक रख रखाव भत्ता 884 रुपये तथा हाउस रेंट अलाउंस 937 रुपये बढ़ेगा, जबकि अप्रत्यक्ष रूप में पीएफ में 12 प्रतिशत की दर से 1097 रुपये, ग्रेच्यूटी 5.56 प्रतिशत की दर से 508 रुपये तथा वर्तमान भत्तों पर पीएल इंकैशमेंट 32 रुपये दिए जाएंगे।

समझौते पत्र पर कंपनी के प्लांट हेड आलोक सिंह व यूनियन की ओर से सचिन लांडगे आदि ने हस्ताक्षर किए। समझौते के समय मुख्य रूप से कंपनी के उपाध्यक्ष आपरेशन एबी लाल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे। इस समझौते से पुणे प्लांट के करीब छह हजार स्थाई श्रमिक लाभान्वित होंगे। जबकि अस्थाई श्रमिक इस समझौते से बाहर हैं।

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