अनशनकारी कारोलिया मज़दूर रुद्रपुर से हल्द्वानी रेफर; सिड़कुल की यूनियनें उतरीं समर्थन में

संघर्षरत करोलिया के अनशनकारी श्रमिकों की हालत बिगड़ने के बाद 27वें दिन प्रशासन ने उन्हें रुद्रपुर से सुशीला तिवारी चिकित्सालय हल्द्वानी भेज दिया, लेकिन न्याय नहीं दे रहा है।

रुद्रपुर (उत्तराखंड)। कार्यबहाली के लिए लगातार संघर्षरत करोलिया लाइटिंग प्राइवेट लिमिटेड सिड़कुल, पंतनगर के चार अनशनकारी मज़दूरों देव सिंह मैहरा, शैलेश कुमार, विरेन्द्र कुमार, मिथिलेश यादव की हालत बिगड़ने के बाद अनशन के 27वें दिन आज मंगलवार को सरकारी अस्पताल रुद्रपुर से सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय हल्द्वानी स्थानांतरित कर दिया गया।

उधर शासन-प्रशासन मामले को उलझाए रखा है। प्रबंधन की अवैधानिक शर्तों को मनाने के लिए एएलसी श्रमिकों पर दबाव बना रहे हैं। स्थिति यह है कि जिलाधिकारी से पीड़ित मज़दूरों की पत्नियाँ न्याय मांगने गईं तो डीएम महोदय ने कह दिया कि उनसे पूछ कर अनशन पर नहीं बैठे थे।

इन हालात में मज़दूरों में रोष बढ़ गया है। सिड़कुल की तमाम यूनियनें और मज़दूर कारोलिया श्रमिकों के समर्थन में उतर गए हैं। आज अस्पताल और धरना स्थल पर इंटरार्क, डेल्टा, भगवती-माइक्रोमैक्स आदि के मज़दूर पहुँचे। कई यूनियनों ने आर्थिक सहयोग दिया। श्रमिक संयुक्त मोर्चा ने डीएम से मिलने और समाधान न होने पर विरोध में उतारने का ऐलान किया है।

ज्ञात हो कंपनी प्रबंधन ने विकट महामारी के दौर में श्रमिकों की कोविड गाइड लाइन का पालन करने की मांग करने पर 11 श्रमिकों को बर्खास्त कर रखा है। प्रबंधन ने आंदोलन के दौर में वार्ताओं के बीच प्रतिशोधवश यूनियन अध्यक्ष व मंत्री को भी निलंबित कर दिया है।

विगत वर्षों से मुलभुत सुविधाओं को लेकर श्रमिकों द्वारा प्रस्तुत मांग पत्र को लंबित कर प्रबंधन द्वारा प्रशासन के साथ ताल मेल बनाकर श्रमिकों के अधिकारों का हनन व उत्पीड़न लगातार जारी है। प्रबंधन का मुख्य मक़सद यूनियन को समाप्त करना है। अब तो उसने यूनियन खत्म करके उसके द्वारा नियुक्त श्रमिक प्रतिनिधियों को मान्यता देने की शर्त रखी है।

प्रबंधन की अवैधानिक शर्तें

इस शोषण व दमन के खिलाफ गांधी पार्क, रुद्रपुर में 31 मार्च से लगातार धरना-प्रदर्शन व 7 अप्रैल से अनिश्चितकालीन अनशन जारी है। उधर इस अन्याय के खिलाफ और अनशनकारी साथियों के समर्थन में प्लांट में 15 अप्रैल से मज़दूरों का 3 घंटे का टूल डाउन आंदोलन जारी है।

मज़दूर समस्त श्रमिकों की कार्यबहाली, समस्त आरोप पत्र निरस्त करने, माँगपत्र पर सम्मानजनक समझौता होने और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान कर चुके हैं।

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