अमेरिका में श्रमिक यूनियन के नए युग का आगाज, अमेज़न में मजदूरों की सबसे बड़ी जीत

अमेज़न श्रमिकों की यूनियन बनाने की जीत अमेरिका में श्रमिक संघों के लिए एक नए युग की शुरुआत मानी जा सकती है। अमेरिका में किसी भी श्रम संगठन की यह सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है।

दुनिया की जानी मानी ई-कामर्स कंपनी अमेजन के श्रमिकों ने स्टेटन आईलैंड पर अमेजन लेबर यूनियन बनाने के लिए बड़े अंतर से जीत हासिल की है। यूनियन बनाने के लिए परिणाम आने के बाद यह संगठन नए जनरेशन के लिए दुनिया का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन होगा।

अमेरिका में नए युग के श्रमिकों के हितों के लिए इस संगठन के गठन को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मजदूर संगठन भी मानते हैं कि दुनिया की बड़ी ई-कामर्स कंपनियों में एक अमेजन में वर्कर्स यूनियन का गठन, अन्य तमाम कंपनियों के भी वर्कर्स को दिशा दिखा सकता है। 

नेशनल लेबर रिलेशंस बोर्ड द्वारा जारी एक प्रारंभिक टैली के अनुसार, कर्मचारियों ने अमेज़ॅन लेबर यूनियन के प्रतिनिधित्व के लिए 2,654 वोट डाले और 2,131 के खिलाफ, यूनियन को लगभग 10 प्रतिशत अंकों से जीत दिलाई। इमारत में 8,300 से अधिक कर्मचारी, न्यूयॉर्क शहर में एकमात्र अमेज़ॅन पूर्ति केंद्र, मतदान के लिए पात्र थे।

यूएसए में श्रमिक संघों के नए युग की शुरूआत…

स्टेटन द्वीप पर जीत संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) में श्रमिक संघों के लिए एक नए युग की शुरुआत मानी जा सकती है। दरअसल, पिछले साल यूनियनों में श्रमिकों का हिस्सा 10.3 प्रतिशत तक गिर गया था। इससे श्रमिकों का हित भी प्रभावित हो रहा था।

अमेजन अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी नियोक्ता कंपनी है। इस कंपनी में श्रम संगठन के लिए वोटिंग से वर्कर्स के अधिकार और स्वतंत्रता के लिए बात हो सकेगी।

अमेरिका में किसी भी श्रम संगठन की यह सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है। कई संघों के नेता अर्थव्यवस्था में श्रम मानकों के लिए एक संभावित खतरे के रूप में मानते हैं क्योंकि यह बहुत सारे उद्योगों को प्रभावित करता है। 

अन्य स्थानों के वर्कर्स को भी मिलेगा प्रोत्साहन

स्टेटन आईलैंड में श्रमिकों की जीत से अन्य स्थानों के श्रमिकों को एक समर्थन मिल सकेगा और वह भी इस दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। इन यूनियन्स के गठन से अमेजन पर आश्चर्यजनक तरीके से दबाव बढ़ेगा। यूनियन्स और प्रगतिशील कार्यकर्ताओं का हस्तक्षेप भी मजदूर हितों के लिए बढ़ेगा। 

वैश्विक स्तर पर अमेजन में 1.6 मिलयन कर्मचारी

अमेजन ने पिछले दो सालों में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को काम पर रखा है। कंपनी में ग्लोबल लेवल पर 1.6 मिलियन कर्मचारी हैं। महामारी ने कर्मचारियों में कार्यस्थल की सुरक्षा के बारे में चिंताओं को बढ़ाया है।

स्टेटन आइलैंड वेयरहाउस, जिसे JFK8 के नाम से जाना जाता है, पिछले साल न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी जांच में पाया था कि अमेज़ॅन के रोजगार मॉडल में कई प्रकार की विसंगतियां हैं। 

सैन फ्रांसिस्को स्टेट यूनिवर्सिटी में श्रम अध्ययन के प्रोफेसर जॉन लोगान ने कहा, “महामारी ने श्रम परिदृश्य को मौलिक रूप से बदल दिया है। यह सिर्फ एक सवाल है कि क्या संघ उस अवसर का लाभ उठा सकते हैं जो परिवर्तन ने खोला है।”

अमेजन संगठन गठन पर रोक को दे सकती है चुनौती

अमेजन ने परिणाम पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की। कंपनी सैद्धांतिक रूप से इस आधार पर वोट को चुनौती दे सकती है कि संघ का आचरण अनुचित था।

ज्ञात हो कि पिछले साल अमेरिका के दक्षिणी राज्य अलबामा में अमेज़ॉन के एक वेयरहाउस में मज़दूरों की पहली यूनियन बनाने की कोशिश हुई थी। तब यूनियन के लिए चुनाव में श्रमिकों की हार हुई थी।

उस वक्त यूनियन नेताओं ने कहा था कि प्रबंधन द्वारा कंपनी ने कर्मचारियों को डराया-धमकाया गया और बैठकों में मतदान के उद्देश्य के बारे में भी झूठ बोला गया, जो कि कर्मचारियों के ‘स्वतंत्र और स्वच्छ चुनाव’ के अधिकार का उल्लंघन है।

Asianet news हिन्दी से साभार, संपादित

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