उत्तरप्रदेश : वयदाख़िलाफी के विरुद्ध बिजली कर्मचारी-अभियंता आन्दोल की राह पर

जेई व एसडीओ अपना सीयूजी नंबर बंद कर आनलाइन काम नहीं किया, वहीं, अन्य ने भी कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया

गोरखपुर। बिजली निगम में इन दिनों आंदोलन की रफ्तार तेज हो गई है। तकनीशियन ग्रेड टू (टीजी टू), अवर अभियंता (जेई), अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) और अधीक्षण अभियंता (एसई) मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सभी निगम प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे हैं। जेई और प्रोन्नत एसडीओ जहां अपना सीयूजी नंबर बंद कर आनलाइन काम नहीं कर रहे हैं वहीं, एसडीओ, एक्सईएन और एसई भी शाम को कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन कर रहे हैं।

अभियंता संघ ने सोमवार दोपहर बाद मोहद्दीपुर स्थित मुख्य अभियंता के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। अधिशासी अभियंता सोमदत्त शर्मा ने कहा कि निगम का शीर्ष प्रबंधन ही कुप्रबंधन का जिम्मेदार है। ‘संवाद से समाधानÓ के मूलमंत्र पर अभियंता कायम हैं लेकिन प्रबंधन की संवादहीनता व समस्याओं के प्रति उपेक्षात्मक रवैये के कारण आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है। क्षेत्रीय सचिव ऐश्वर्य सिंह ने ऊर्जा मंत्री से मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध किया। कहा कि 12 व 13 अक्टूबर को भी दोपहर बाद तीन बजे से शाम पांच बजे तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। इस दौरान मुदित तिवारी, एमके गौड़, अवनीश सिन्हा, अमन तिवारी, अरविंद सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, भानु प्रताप, विकास झा, मदन कुमार आदि मौजूद रहे।

राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के बैनर तले जेई और प्रोन्नत एसडीओ का आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। जेई और एसडीओ ने अपना सीयूजी मोबाइल नंबर शनिवार से ही बंद कर दिया है। सभी दोपहर बाद तीन बजे तक कार्यालय में बैठ रहे हैं लेकिन आनलाइन कोई काम नहीं कर रहे हैं। शिवम चौधरी ने कहा कि प्रबंधन जब तक मांगें नहीं मानेगा आंदोलन जारी रहेगा। दोपहर बाद तीन बजे से मुख्य अभियंता के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।

प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ ने सोमवार से आंदोलन शुरू किया। संघ के शीर्ष पदाधिकारी लखनऊ स्थित शक्ति भवन के सामने धरने पर बैठे तो जिले के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंद्रभूषण उपाध्याय ने कहा कि प्रबंधन समस्याओं का निराकरण नहीं कर रहा है। जिन मुद्दों पर सहमति बन गई है उनका भी आदेश नहीं जारी कर रहा है। इस दौरान पूर्वांचल के कार्यवाहक अध्यक्ष संगम लाल मौर्य, प्रभुनाथ प्रसाद, प्रवीन सिंह, उपेंद्र पाल, राकेश चौरसिया आदि मौजूद रहे।

जागरण से साभार

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