बिजली बिलों में मनमानी लूट के खिलाफ जारी संघर्ष के 2 साल पूर्ण होने पर जनसभा

बिजली बिलों में हो रही मनमानी लूट व बिजली अधिनियम 2020 के खिलाफ ग्रामीणों ने आक्रोश जताया व तर्कसंगत बिजली बिल जारी होने तक बिलों का बहिष्कार करने की घोषणा की।

संघर्ष तेज करने का लिया संकल्प

भादरा, हनुमानगढ़ (राजस्थान)। 13 सितम्बर को बिजली बिलों में मनमानी लूट के खिलाफ जारी आंदोलन के 2 साल पूरे होने पर बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति हनुमानगढ़ की ओर से नेठराना में जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें भरवाना, खचवाना, बरवाली, रामगढ़, करणपुरा, सरदारगढ़िया, गोगामेड़ी व आसपास के कई गांवों के सैंकड़ों  बिजली उपभोक्ता इकट्ठा हुए।

बिजली के बिलों में हो रही मनमानी लूट के खिलाफ ग्रामीणों ने आक्रोश जताया व जब तक तर्कसंगत बिजली बिल जारी नहीं होंगे तब तक बिलों का बहिष्कार करने की घोषणा की।

बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति की ओर से कहा गया की राजस्थान सरकार स्थाई शुल्क, विद्युत शुल्क, फ्यूल सरचार्ज व कई अन्य तरह तरह के टैक्स लगा कर पूरे भारत के मुकाबले सबसे महंगी बिजली बेच रही है, जो राजस्थान की मेहनतकश जनता के ऊपर भारी बोझ है।

संघर्ष समिति की प्रमुख मांग है कि कोरोना महासंकट काल के बिजली के बिल माफ किये जायें व नाजायज बिलों को भरवाने के लिए आमजन पर कनेक्शन काटने का दबाव नहीं बनाया जाए, स्थायी शुल्क, विद्युत शुल्क, फ्यूल सरचार्ज व अन्य राशि के रूप में हो रही वसूली तुरंत बंद की जाए, प्रत्येक परिवार को हर महीने 200 यूनिट तक फ्री बिजली दी जाए, घटिया व तेज चलने वाले मीटर तुरंत हटाये जाएं, बिजली सेवा का निजीकरण तुरंत रोका जाए व बिजली अधिनियम 2020 ख़ारिज किया जाए, बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति के सदस्यों पर लगाए गए झूठे मुकदमे ख़ारिज किये जायें।

उल्लेखनीय है कि बिजली बिलों की मनमानी लूट, बिजली निजीकरण आदि माँगों को लेकर बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति हनुमानगढ़ द्वारा पिछले 2 साल से लगातार संघर्ष चलाया जा रहा है। विभिन्न धरना-प्रदर्शनों, यात्राओं आदि द्वारा इसे पूरे राज्य में फैलाने के कार्यक्रम लगातार जारी हैं, लेकिन सरकार की हठधर्मिता से ग्रामीणों को न्याय मिलने की जगह मुक़दमें ही मिले हैं, इसके बावजूद ग्रामीणों के हौसले बुलंद हैं।

संघर्ष समिति की ओर से कहा गया कि जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाती हमारा संघर्ष जारी रहेगा व पूरे राजस्थान में महंगी बिजली के खिलाफ उठ रही आवाजों को एकजुट कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

भूली-बिसरी ख़बरे

%d bloggers like this: