निजीकरण के विरोध में रेल कर्मचारियों का प्रदर्शन

रेलवे सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों सड़क परिवहन, बिजली, दूरसंचार, भंडारण, खनन, विमानन, बंदरगाह, स्टेडियम आदि सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण का विरोध तेज हुआ।

बरेका परिसर में सोमवार को कर्मचारियों ने रेलवे की संपत्ति के निजीकरण, निगमीकरण और मुद्रीकरण के विरोध में प्रदर्शन किया। एनएफआईआर के आह्वान पर मेंस कांग्रेस ऑफ डीएलडब्ल्यू की ओर से 13 से 18 सितंबर 2021 तक चलने वाले विरोध सप्ताह के अंतर्गत कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। बरेका के सिविल, चिकित्सालय, बिजली, लेखा, कार्मिक सहित प्रशासन भवन में कार्यरत सभी कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर रोष जताया।

मेंस कांग्रेस ऑफ डीएलडब्ल्यू के महासचिव राजेश कुमार ने कहा कि भारतीय रेलवे सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों सड़क परिवहन, बिजली, दूरसंचार, भंडारण, खनन, विमानन, बंदरगाह, स्टेडियम आदि सार्वजनिक उपक्रमों का निगमीकरण अथवा निजीकरण किया जा रहा है। सरकार के इन कदमों का संगठन विरोध करता है। देश की अर्थव्यवस्था के लिए ये फैसले घातक साबित होंगे।

कर्मचारी परिषद सदस्य आलोक कुमार वर्मा, रोहित कुमार शर्मा ने कहा कि इसी मौद्रीकरण के तहत निजी ऑपरेटरों को स्टेशनों, सिग्नल, ट्रैक आदि का उपयोग करके ट्रेन चलाने का अनुमति दी जा रही है। इस दौरान मृत्युंजय सिंह, संजय कुमार, श्रीकान्त यादव, अरविन्द सिंह, जयप्रकाश सिंह, भोला राम, संजय कुमार, रोहित कुमार, विनोद कुमार सिंह, प्रदीप कुमार विश्वकर्मा, सुनील सिंह, मो. मुस्तफा आदि कर्मचारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्तान से साभार

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