मिड डे कर्मियों का प्रदर्शन, 24 को देशव्यापी हड़ताल, 27 को भारत बंद में होंगे शामिल

झारखंड राज्य विद्यालय रसोइया संघ की अध्यक्ष गीता मंडल ने कहा कि सरकार रसोईया कर्मियों से मुफ्त में करा रही काम महंगाई बढ़ती जा रही है. लेकिन सरकार मिड डे मील कर्मियों का ना वेतन बढ़ा रही, न ही समय पर भुगतान करती है।

रांची। सरकार मिड डे मील कर्मियों का निजीकरण करना चाह रही है. एनजीओ के माध्यम से सरकार मिड डे मील चलाना चाहती है. जिसका राज्य भर में विरोध किया जायेगा. ये बातें ऑल इंडिया स्कीम वर्कर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशि यादव ने कही. शशि यादव मंगलवार को झारखंड विद्यालय रसोईया संघ की ओर से आयोजित धरना को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान शशि ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने आम जन जीवन को अस्त व्यस्त कर रखा है. लोगों के सामने आफत की स्थिति है.

यादव ने कहा कि सरकार का कहना है कि महंगाई और मूल्य वृद्धि उसके नियंत्रण में नही है. ये सरकार की नाकामी साबित करती है. उन्होंने कहा कि विरोध में देशव्यापी कार्यक्रम का आयोजन 24 सिंतबर से किया जायेगा. इस दिन देश भर की मीड मिल कर्मियों का हड़ताल होगा. बात नहीं बनने पर रसोईया कर्मी भारत बंद में भी शामिल होंगी.

झारखंड राज्य विद्यालय रसोइया संघ की अध्यक्ष गीता मंडल ने कहा कि सरकार रसोईया कर्मियों से मुफ्त में काम करा रही है. महंगाई बढ़ती जा रही है. लेकिन सरकार मिड डे मील कर्मियों का वेतन नहीं बढ़ा रही. और न ही उन्हें समय पर भुगतान करती है. ऐसे में सरकार रसोईया कर्मियों से मुफ्त में काम करा रही है. सामाजिक सुरक्षा के दायरे से रसोईया कर्मियों को अलग रखा गया है. ऐसे में जरूरी है कि रसोईया कर्मी एक जुट होकर आंदोलन करें. धरना में लगभग एक हजार महिलाएं शामिल हुई. इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम 14 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया.

संघ की सभी रसोइयों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने, रसोइयों का मासिक मानदेय 21000 देने, दुर्घटना बीमा देने की गारंटी,  रसोइयों को निबंधित करने, रसोइयों का डेटाबेस बनाने समेत अन्य मांगें शामिल हैं. इस दौरान अनीता देवी, शुभेंदू सेन, सलोमी सोरेन समेत अन्य लोग मौजूद रहे.

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