छत्तीसगढ़ संविदा बिजली कर्मियों का समझौता, संघ ने किया हड़ताल खत्म, कर्मचारी नाराज

तीनों माँगों पर समझौते को कई कर्मी धोखा मान रहे हैं। प्रबंधन संविदा कर्मी के नियमित होने के अधिकार को ही खारिज करता है और नियुक्ति प्रक्रिया से गुजरने की बात है।

नियमितीकरण की माँग, भर्ती प्रक्रिया में वरीयता देने व वेतन वृद्धि का समझौता

छत्तीसगढ़ संविदा बिजली कर्मचारियों का पिछले करीब दो सप्ताह से आंदोलन जारी है। इस बीच रविवार को समझौते के एक प्रस्ताव और नियमितीकरण के आश्वासन के बाद विद्युत संविदा कर्मचारी संघ ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया है। हालांकि, इससे कर्मचारियों का बड़ा हिस्सा नाराज है और वे कर्मचारी संघ से अलग होकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं।

समझौते का विरोध कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उनके साथ धोखा हुआ है। यह इस बात से भी लगता है कि प्रबंधन संविदा कर्मी के नियमित होने के अधिकार को ही खारिज करता है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के महाप्रबंधक (मानव संसाधन) कहते हैं कि संविदा नियुक्ति आदेश में इस बात का कोई उल्लेख नहीं है कि संविदा कर्मी का नियमितीकरण किया जायेगा। इसलिए ये मांग जायज नहीं है।

असल में विद्युत कंपनी प्रबंधन की तरफ से एक ऑफर दिया गया है। इसके तहत विद्युत कंपनी प्रबंधन ने परिचारक (लाइन मैन) के 1500 पदों पर भर्ती विज्ञापन जारी किये हैं। इस चयन प्रक्रिया में भाग लेकर संविदाकर्मी नियमित हो सकेंगे। इसमें उन्हें अनुभव का लाभ दिया जाएगा।

Raipur Column Shaharnama: संविदा बिजली कर्मियों का उम्मीदों पर टिका आंदोलन

10 अगस्त से हड़ताल पर, 20 से अनाशनरत

छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ की हड़ताल 10 अगस्त से जारी है। नियमितीकरण समेत तीन मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर आंदोलन कर रहे ढाई हजार संविदा कर्मियों ने विभिन्न तरीके से अपने आंदोलन को गति दी। इस आंदोलन को लगातार विभिन्न कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिल रहा था।

सरकार की हठधर्मिता के बाद विरोध में सिर मुंडवाकर 20 अगस्त से अन्न त्याग अनशन शुरू हुआ। इसी के साथ माथे पर संविदा शब्द उकेरकर सभी का ध्यान भी अपनी ओर खींचा। अनशन में बैठे 46 कर्मचारियों में से 11 कर्मियों जांच किए जाने पर इनकी हालत बिगड़ी हुई मिली। इन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया।

कर्मचारियों का जांच करते डॉक्टर।

आंदोलन बढ़ता देखकर बिजली कंपनी के हाथ-पांव भी फूल गए थे। कंपनी के अधिकारियों ने नियमों का हवाला देकर हड़ताल वापस लेकर काम पर लौटने की न केवल नसीहत दी है, बल्कि कई तरह के लालीपाप भी दिखाया। लेकिन अपनी मांगों को लेकर अडिग संविदा कर्मी उम्मीद पर टीके रहे।

बैठक में समझौते का प्रस्ताव

शनिवार को हुई एक बैठक के बाद छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के महाप्रबंधक (मानव संसाधन) डीआर साहू ने बताया कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए शनिवार को बैठक बुलाई गई थी। उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में संविदा कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ डगनियां मुख्यालय स्थित सेवा भवन में वार्ता हुई। प्रबंधन ने संघ की तीन सूत्रीय मांगों पर बिंदुवार चर्चा की।

महाप्रबंधक ने कहा कि उन्हें बताया गया कि परिचारक (लाइन) के पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी किए गए हैं, उस चयन प्रक्रिया में भाग लें। इसमें लाइनमैन की भर्ती में संविदाकर्मियों के अनुभव को लाभ देने का फैसला लिया गया है।

  • संविदाकर्मचारियों का वेतन 8 हजार रुपए से बढ़ाकर करीब 14 हजार रुपए हर महीने होगा।
  • जो कर्मचारी इस बार की भर्ती में नियमित ज्वॉइनिंग हासिल नहीं कर सकेंगे उनकी संविदा सेवा जारी रहेगी।
  • काम के दौरान दुर्घटना की वजह से अपंग हुए संविदा कर्मचारियों को भी भर्ती के जरिए काम देने का प्रयास होगा।

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