मानसून सत्र में सांसद किसानों की माँग उठायें नहीं तो होगा सामाजिक बहिष्कार

संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा सांसदों के लिए जारी पीपुल्स व्हिप एक अभिनव प्रयोग

संयुक्त किसान मोर्चा ने सांसदों के लिए पीपुल्स व्हिप जारी करते हुए कहा है कि वे मानसून सत्र में कृषि क़ानून रद्द करने की किसानों की माँग को पूरी ताक़त से उठायें और किसी भी स्थिति में वॉक आउट न करें। वे लोकसभा और राज्यसभा में सरकार की कॉरपोरेटरस्त और किसान विरोधी  नीतियों का खुलासा करें।

उल्लेखनीय है कि आमतौर पर व्हिप किसी पार्टी द्वारा अपने सांसदों या विधायकों के लिए जारी किया जाता है ताकि वे पार्टी के फ़ैसले के हिसाब से ही सदन में वोट करें। ऐसा न करने पर उनकी सदस्यता भी जा सकती है। किसान संघों ने पीपुल्स व्हिप का अभिनव प्रयोग किया है।

एसकेएम का कहना है कि जनता द्वारा चुने गये ये नेता जनता की इच्छा से बँधे हैं। अगर इन्होंने पीपुल्स व्हिप का उल्लंघन किया तो  फिर जनता इनका राजनीतिक जीवन खत्म कर देगी।

संयुक्त मोर्चा द्वारा आज शनिवार को जारी बयान में कहा गया है कि 22 जुलाई से संसद विरोध मार्च में भाग लेने के लिए तमिलनाडु जैसे सुदूर राज्यों तक से अधिक से अधिक किसान दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचना शुरू करेंगे। अखिल भारतीय किसान महासभा के किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारतव्यापी टुकड़ी दिल्ली मोर्चा पर पहुंची और उसने मार्च निकाला।

बयान में कहा गया है कि हरियाणा पुलिस द्वारा किसानों के खिलाफ राजद्रोह के आरोप लगाने के विरोध में सिरसा में बेहद सफल महापंचायत का आयोजन हुआ। इसके अलावा भाजपा नेता मनीष ग्रोवर के महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार के विरोध में 19 जुलाई को रोहतक में महिला महापंचायत की उत्साहपूर्ण तैयारी जारी है।

मोर्चा ने चंडीगढ़ में बीजेपी मेयर संजय टंडन के खिलाफ हुए प्रदर्शन पर पुलिसिया दमन को बर्बरता क़रार दिया है। बयान में कहा गया है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीटा और  महिलाओं और बच्चों सहित दर्जनों को गिरफ्तार किया गया है।

संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा जारी (233वां दिन, 17 जुलाई 2021)

जारीकर्ता – बलबीर सिंह राजेवाल, डॉ दर्शन पाल, हन्नान मुल्ला, जगजीत सिंह दल्लेवाल, जोगिंदर सिंह उगराहन, शिवकुमार शर्मा ‘कक्काजी’, युद्धवीर सिंह, योगेंद्र यादव।

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