फादर स्टेन स्वामी की मृत्यु पर देश भर में “क्रोध और शोक”, विरोध प्रदर्शन जारी

भीमा कोरेगांव के विचाराधीन कैदियों ने फादर स्टेन स्वामी की संस्थागत हत्या की न्यायिक जांच की मांग की है। उनकी मांग है कि इसमें एनआईए और तलोजा जेल अधीक्षक कौस्तुभ कुर्लेकर को ज़िम्मेदार ठहराते हुए उनकी भूमिका की जांच की जानी चाहिए।

5 जुलाई को एल्गार परिषद मामले में न्यायिक हिरासत में आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी के निधन की खबर पर, पूरे देश के साथ-साथ विश्व स्तर पर कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के फासीवादी शासन का विरोध करने वालों पर बदले की भावना से प्रेरित होकर ऐसे प्राणघातक यातना दिए जाने पर दुख और क्षोभ प्रकट किया है। फादर स्टेन स्वामी के परिवार और शुभचिंतकों के लिए उनके अंतिम संस्कार का यू ट्यूब पर लाइव-स्ट्रीम किया गया था, उसके बाद से पूरे देश में 84 साल के मानवाधिकार कार्यकर्ता की इस सांस्थानिक हत्या के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

कल भीमा कोरेगांव-एल्गार परिषद मामले में अन्य विचाराधीन कैदी जो तलोजा जेल में बंद हैं, जहां पहले फादर स्टेन स्वामी ने आठ महीने से अधिक समय बिताया, ने फादर की संस्थागत हत्या के विरोध में एक दिवसीय भूख हड़ताल की।

दलित कैमरा ने बताया कि प्रदर्शन कर रहे विचाराधीन कैदियों ने फादर स्टेन स्वामी की मौत के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और तलोजा जेल के अधीक्षक कौस्तुभ कुर्लेकर पर आरोप लगाया है। विरोध करने वाले विचाराधीन कैदियों ने यह भी कहा कि एनआईए और कौस्तुभ कुर्लेकर ने फादर स्टेन स्वामी को परेशान करने का एक भी मौका कभी नहीं गंवाया, चाहे वह जेल के अंदर घिनौना इलाज हो, उन्हें अस्पताल से वापस जेल में स्थानांतरित करने की जल्दबाजी हो, या एक सिपर जैसी तुच्छ चीज का विरोध हो।

वे इन मांगों को जिसमें एनआईए अधिकारियों और तलोजा जेल अधीक्षक कौस्तुभ कुर्लेकर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मामला दर्ज करने और फादर स्टेन स्वामी की संस्थागत हत्या की न्यायिक जांच शामिल है, को तलोजा जेल प्रशासन के माध्यम से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को भेजेंगे।

छात्र, कार्यकर्ता, कलाकार, राजनीतिक नेता, अधिकार संगठन और विभिन्न नागरिक समाज समूह यूएपीए को निरस्त करने और 15 अन्य एल्गार परिषद के विचाराधीन कैदियों जिनमें से कई जेल में खराब स्वास्थ्य से पीड़ित हैं, की बिना शर्त रिहाई की मांग करते हुए सड़कों पर उतर आए हैं।

झारखंड, जिस राज्य में स्टेन स्वामी कैद होने से पहले रहते थे, वहां प्रदर्शनकारियों ने पं. पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग की।

जेएसी महाराष्ट्र के आम बैनर तले राज्य के विभिन्न संगठन द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान लोग महाराष्ट्र के चैत्य भूमि पर एकत्र हुए।

Protest at Chaitya bhoomi against the judicial murder of Father Stan Swamy.

Free All #BhimaKoregaon Political Prisoners! pic.twitter.com/wYJy5jPBRT

— Ritesh (@outcastritesh) July 7, 2021

Protest seeking Justice over the institutional mu४der of Father #StanSwamy held today at Chaitya Bhoomi, Dadar. Protest carried out by various social organisations of Mumbai under a common head of JAC Maharashtra. pic.twitter.com/I5sJfGJbvt

— AEK (@Anas__Khan) July 7, 2021

बिहार में पटना में विरोध में आयोजित कार्यक्रम को सीपीआईएमएल के विधायक महबूब आलम और पॉलिटबूरो सदस्य कविता कृष्णन द्वारा संबोधित किया गया।

AIPF, CPIML, AISA, RYA, AIPWA and members of civil society organised a condolence meeting and protest in Patna against the custodial murder of Father #StanSwamy
Free all political prisoners! pic.twitter.com/58fU0G4Q7g

— CPIML Liberation (@cpimlliberation) July 6, 2021

चंडीगढ़ में भी लोग फादर स्टेन स्वामी की हत्या के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुए

Protest in Chandigarh against the custodial murder of Father Stan Swamy.#JusticeforStanSwamy pic.twitter.com/wbNmHDMzmb

— Tarique Anwar ( Azam ) (@Tarique2Anwar) July 6, 2021

Protests against the judicial killing of #StanSwamy in Kolkata by @CpimlWestBengal & @aisawb where Sisters from local churches also participated .Effigy of @narendramodi was also burnt.#RepealUAPA pic.twitter.com/NngQBz9wHO

— Suman সুমন #Andolanjeevi #SaabYaadRakhaJayega (@sumonseng) July 6, 2021

बेंगलुरु और दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन हुए।

AILAJ participated in a protest outside the City Civil Court, Bengaluru in memory of Fr. Stan Swamy and against his institutional murder. pic.twitter.com/IqB109VATy

— AILAJ_HQ (@AilajHq) July 7, 2021

छात्र संगठनों ने दिल्ली जंतर मंतर पर आदिवासी जन अधिकार कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी कि राज्य प्रायोजित हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। छात्र संगठन एसएफआई के सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया और नोटिस भी भेजा

Activists detained, notice served to four SFI activists under the section of CrPC 41A.#ReleaseAllPoliticalPrisoners #RepealUAPA #StanSwamy pic.twitter.com/RMDsJUHOBO

— SFI Delhi (@SfiDelhi) July 6, 2021

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