अमेरिका: वोल्वो ट्रक के 3000 मज़दूर दुबारा हड़ताल पर

स्वीडिश स्वामित्व वाले वोल्वो ग्रुप की कम्पनी वॉल्वो ट्रक्स के वर्जीनिया स्थित प्लांट में यूनियन प्रतिनिधियों की मैनेजमेंट परस्त भूमिका को लेकर नाराज है आम श्रमिक।

अमेरिका के दक्षिण-पूर्वी राज्य वर्जीनिया के डबलिन में लग्जरी ट्रक बनाने वाली कंपनी वॉल्वो ट्रक्स के न्यू रिवर वैली प्लांट के लगभग 3,000 कर्मचारी, यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स यूनियन और प्रबंधन के बीच दूसरे बार होने वाले सेटेलमेंट के प्रस्ताव को मतदान कर नकारने के बाद 06 जून की दोपहर से हड़ताल पर चले गए।

यूनियन जिस समझौते को लागू करना चाहती है वह कंपनी के ज्यादा अनुकूल था और श्रमिक हितों के ख़िलाफ़ था। घंटे के हिसाब से काम करने वाले 90 प्रतिशत श्रमिकों और 91 प्रतिशत स्थाई श्रमिकों ने इस छह वर्षीय समझौते के खिला़फ मतदान किया। अगर यह समझौता लागू हो गया तो श्रमिकों को आने वाले 10 सालों तक इस वजह से नुकसान उठाना पड़ेगा।

मतदान का अंतिम रिजल्ट

30 अप्रैल को यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स यूनियन ने दो सप्ताह तक चले हड़ताल को वापस लिया था। उसके बाद 16 मई को इस समझौते प्रवेश करने का असफल प्रयास किया था। सभी श्रमिकों के भारी दबाव के कारण 6 जून को इस समझौते से पीछे हटने का फैसला किया, जो इस समझौते द्वारा प्रस्तावित बहु-स्तरीय वेतन और लाभ प्रणाली के खिला़फ है। श्रमिकों की मांग है कि उच्च मुनाफा कमाने वाली यह बहु-राष्ट्रीय कम्पनी अपने मुनाफे में हिस्सेदारी साझा करते हुए वेतन बढ़ोतरी, स्वास्थ्य कवरेज और पेंशन में पर्याप्त बढ़ोतरी लागू करे।

दूसरी तरफ यूनियन का कहना है कि वह प्रबंधन से बातचीत कर इससे बेहतर समझौता नहीं कर सकती है।

दरअसल वोल्वो समूह के कॉरपोरेट बोर्ड ने हाल ही में घोषणा की कि वह अपने धनी निवेशकों को एक जापनी सहायक कंपनी यूडी ट्रक की बिक्री से प्राप्त हुए लाभांश भुगतान के रिकॉर्ड 3.68 अरब डॉलर में से 2.3 अरब डॉलर वितरित करेगा। वही प्रबंधन दूसरी तरफ श्रमिकों से ज्यादा उत्पादन करवाने पर जोर डाल रहा है।

यूएवी-प्रबंधन की मिलीभगत के विरोध में, प्लांट के श्रमिकों ने वोल्वो वर्कर्स रैंक-एंड-फाइल कमेटी का गठन किया, जिसने दोनों बिकवाली समझौतों को विफल कराने में निर्णायक भूमिका निभाई। मतदान के शुरुआती दिनों में, समिति के सदस्यों और अन्य कार्यकर्ताओं ने व्यापक रूप से वोल्वो वर्कर्स रैंक-एंड-फाइल कमेटी की ओर से एक बयान जारी किया था इस सौदे को अस्वीकार करने का आह्वान किया गया था।

हड़ताल की घोषणा करते हुए एक संक्षिप्त पत्र में, यूनियन के सचिव कोषाध्यक्ष रे करी ने स्वीकार किया कि श्रमिकों ने उनके द्वारा स्वीकृत किए गए अस्थायी समझौते के लगभग हर पहलू का विरोध किया था। “जैसा कि आप जानते हैं, वेतन वृद्धि, नौकरी सुरक्षा, वेतन प्रगति, कुशल व्यापार, शिफ्ट प्रीमियम, अवकाश स्कीम, कार्य दिवस की योजना, स्वास्थ्य और सुरक्षा, वरिष्ठता, पेंशन, 401 (के), स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सकीय दवा कवरेज सहित कई विषय मुद्दे में शामिल होते हैं पर इन पर सहमति नहीं बन पाती है। ”

वोल्वो प्रबंधन उत्पादन लागत में कटौती चाहता है और की वॉल्वो की इस मंशा को पूरा करने के लिए यूनियन पूरी तरीके से तैयार है। इस बात का संकेत देते हुए, करी ने लिखा है कि “हमें विश्वास है कि मौजुदा विषय सहित अन्य मुद्दों पर आगे की वार्ताओं के परिणामस्वरूप ऐसे समझौते पर पहुंचने का प्रयास किया जाएगा जो कंपनी और उसके कर्मचारियों दोनों के हित में होगा।”

इस विरोध और श्रमिकों से यूनियन के अलगाव पर यूनियन की अत्यधिक घबराहट इस बात से जाहिर होती है कि, उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट पर समझौते को नकारने वाली और हड़ताल के नवीनीकरण की घोषणा करने वाली टिप्पणियों को ब्लॉक कर दिया।

वोल्वो के न्यू रिवर वैली प्लांट के आम मज़दूर इस लड़ाई को जितने और व्यापक बनाने के लिए तैयार है। मज़दूरों का कहना है कि “हमें सेलम प्लांट जहां यूनियन नहीं है, के मजदूरों और एलेनटाउन और हैगरस्टाउन में मैक-वोल्वो श्रमिकों तक पहुंचना चाहिए। सभी का एक साथ जुड़ना अच्छी बात होगी क्योंकि एनआरवी में जो समझौता लागू होगा उसका असर उन पर भी पड़ेगा। यूनियन ने हमें तब धोका दिया जब उन्होंने हड़ताल रोक दी और हमें प्लांट में वापस भेज दिया ताकि उनके लिए 2,000 ट्रक और तैयार किए जा सकें।

उन्होंने आगे कहा कि ” वे हमें हड़ताल की भरपाई के रूप में 275 डॉलर का भुगतान कर रहे हैं। यह तो न्यूनतम मजदूरी से भी कम है और हमें उसमें से भी टैक्स चुकाना होगा। 2020 में, यूनियन ने अपने कार्यालयों के लिए नए फर्नीचर खरीदने पर लगभग आधा मिलियन खर्च किए। स्ट्राइक फंड हमारा है यूनियन की फिजूलखर्ची के लिए नहीं है और स्ट्राइक के लिए हमारे पास उतना फंड तो होना चाहिए जो ज़रूरी है।

यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स यूनियन के स्ट्राइक फंड में अनुमानित तौर पर $790 मिलियन है और एएफएल-सीआईओ के पास तो और भी अधिक संपत्तियां हैं।

इस संघर्ष की शुरुआत से ही, यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स यूनियन ने अपने जीवन स्तर की रक्षा के लिए श्रमिकों के प्रयासों को कमजोर करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रखी है। यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स यूनियन ने मार्च में समाप्त होने वाले पिछले समझौते को 30-दिन का विस्तार दिया, जिससे वोल्वो कंपनी को हड़ताल के प्रभाव को कमज़ोर करते हुए ट्रकों को स्टॉक करना जारी रखने में मदद मिली। फिर, वार्ता की स्थिति पर किसी स्पष्टीकरण या रिपोर्ट जारी किए बिना, यूएवी ने 17 अप्रैल को एनआरवी के श्रमिकों को पिकेट लाइनों पर बुलाया और फिर 30 अप्रैल को बिना श्रमिकों को अस्थायी समझौते की जानकारी दिए या वोट देने का अधिकार दिए उन्हें काम पर वापस भेज दिया।

लेकिन यूएवी द्वारा पिछले सप्ताह संयंत्र में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों को भेजने सहित अनुबंध को भजाने का अभियान उलटा पड़ गया।

वॉल्वो के जो मजदूर आज धरने पर डटे हुए हैं, वे सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे मजदूर वर्ग के लिए आवाज़ उठा रहे हैं। एक साल से अधिक समय के बाद, जिसमें श्रमिकों को इस महामारी के दौरान भी कॉर्पोरेट लाभ के लिए अपने जीवन का बलिदान करने के लिए मजबूर किया गया है, आज ये मज़दूर कह रहे हैं कि बस बहुत हो गया और इन विशाल कॉरपोरेटों और दलाल यूनियनों से अपनी मेहनत का हिसाब मांगते हुए उनके ख़िलाफ़ विद्रोह कर रहे हैं।

भूली-बिसरी ख़बरे

%d bloggers like this: