यूपी-बिहार के बाद अब पिथौरागढ़ की सरयू नदी में उतराती मिलीं लाशें

सरकारी असक्षमत के बीच विपदा का भयावह मंजर

गंगा के बाद अब सरयू नदी में लाश दिखने से दहशत का माहौल है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में बुधवार को नदी के किनारे दर्जनों लाशे उतराती हुई दिखीं। आशंका है कि ये सभी शव कोरोना संक्रमण के चलते जान गंवाने वाले मरीजों के हैं। इससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, स्थानीय लोग इस घटना से डरे हुए हैं। जिस जगह पर लाश मिली है, उससे जिला मुख्यालय की दूरी सिर्फ 30 किमी है। इलाके में पीने के पानी की सप्लाई के लिए नदी का ही प्रयोग होता है। लोगों में आशंका है कि पानी दूषित हो गया तो संक्रमण लोगों में फैल सकता है।

खबरों के मुताबिक तहसीलदार पंकज चंदोला का कहना है कि जो लाशें मिली हैं वह पिथौरागढ़ क्षेत्र की नहीं हैं। लाशों की शिनाख्त नहीं हो सकी है और जांच की जा रही है कि लाशें कहां से मिली हैं। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

इससे पहले यूपी और बिहार में गंगा व यमुना नदी में व उसके तटों पर सैकड़ों लाशें देखने को मिली थीं। वाराणसी व गाजीपुर से बक्सर तक गंगा में उतराते हुए और तट पर शव बिखरे हुए मिले थे। उसके बाद से हजारों लाशें गंगा तटों पर मिलने की खबरें सामने आईं हैं।

उन्नाव, कन्नौज, कानपुर, रायबरेली, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, फैजाबाद से लेकर गाजीपुर, बलिया, वाराणसी तक हजारों लाशें उतरा रही हैं। इलाहाबाद में गंगा किनारे बालू में दफन सैकड़ों लाशें मिली और यह सिलसिला जारी है।

सरकार व उसके प्रशासन की असक्षमत के बीच मानवीय विपदा का एक भयावह मंजर कायम है।

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