सत्यम ऑटो के मज़दूर ने कहा कार्यबहाली करो वरना आंदोलन होगा तेज

प्रशासन के आश्वासन के बावजूद नहीं मिला न्याय

हरिद्वार (उत्तराखंड)। सत्यम आटो कम्पनी के 300 कर्मचारियों की कार्यबहाली के लिए 27 मई को एक मीटिंग बीएचएल सेक्टर 4 में संपन्न हुई। जिला प्रशासन के आश्वासन के बावजूद मज़दूरों की अभी तक कार्यबहाली ना होने से आक्रोश बढ़ रहा है। ऐसे में मज़दूर परिवार की महिलाओं ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

निष्कासित मज़दूरों की महिलाओं ने बताया कि 7 अप्रैल को जिलाधिकारी महोदय द्वारा कहा गया था कि सत्यम प्रबंधन सत्यम के निष्कासित मजदूरों को क़िस्तों के आधार पर कार्य पर लिया जाएगा, परंतु 2 माह होने वाले हैं अभी तक मज़दूरों को काम पर रखने की प्रक्रिया चालू नहीं हुई है। इससे हमारे परिवारों की आर्थिक हालात बेहद खराब हो चुकी है।

कहा कि लॉकडाउन में हमारी परेशानी और अधिक बढ़ा दी है। यदि शासन-प्रशासन गैरकानूनी गेटबंदी समाप्त करवाकर सभी मज़दूरों की कार्यबहाली नहीं करवाता है तो हमें उग्र से उग्र आंदोलन करने को विवश होना पड़ेगा।

महिलाओं ने कहा कि हमारे बच्चों की फीस जमा नहीं करने से ना तो रिजल्ट मिले हैं और ना ही टीसी मिल रही है। अतः सत्यम के मज़दूरों के लिए प्रशासन को स्कूलों की फीस माफ करने चाहिए।

उल्लेखनीय है कि हीरो मोटोकॉर्प की वेंडर सत्यम ऑटो के मज़दूरों ने प्रबंधन को 29 जुलाई 2015 को अपना माँगपत्र दिया था। लेकिन प्रबंधन ने 2 मार्च 2017 को गोपनीय तरीके से कुछ मज़दूरों से एक समझौता कर लिया। जिसका मज़दूरों द्वारा विरोध करने से नाराज प्रबंधन ने 17 अप्रैल 2017 को 300 मज़दूरों की जबरन गेट बंदी कर दी थी। तब से मज़दूरों का संघर्ष लगातार जारी है।

बीते अप्रैल माह में मज़दूरों और उनके परिवार की महिलाएं व बच्चे 20 दिन तक अनशन व धरने पर बैठे थे। समाधान ना निकालने पर 5 अप्रैल को मज़दूर परिवार सहित कंपनी गेट कूच कर गए और वहीं धरने पर बैठ गए थे।

इस बीच सत्यम ऑटो प्रबंधन और जिला प्रशासन व श्रम अधिकारियों के आश्वासन के बाद श्रमिकों ने धरना समाप्त किया था। लेकिन अभी तक कार्यबहाली नहीं होने से मज़दूरों और उनके परिवार में आक्रोश व्याप्त है।

बैठक में सपना किरण संगीता नेगी, रेशमा, सोनी सिंह, रंजू देवी, कुसुम सिंह, कविता, दीपा, रंजना एवं महिपाल सिंह, चंद्रेश कुमार आदि उपस्थित रहे।

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