अमेरिका में वीडियो से काले नागरिक की हत्या का एक और खुलासा

अमरीका में नस्लवादी हिंसा और बर्बरता की दास्तान

अमेरिका में एक ब्लैक सिटीजन की मौत पर नया वीडियो सामने आया है, जिसमें पुलिसवाले उसको करंट लगाते और घूंसे मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। वह इस दौरान चीखता रहा कि मुझे माफ कर दो, मैं डरा हुआ हूं। जबकि पुलिस ने दावा किया था कि पीछा करने के दौरान उसकी कार पेड़ से टकराने के कारण मौत हुई थी।

मामला अमेरिका के लुइसियाना में वर्ष 2019 की घटना का है, जब एक ब्लैक सिटीजन रोनाल्ड ग्रीन की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। जिस निर्ममता का खुलासा नए वीडियो से हुआ है।

नए वीडियो से हकीकत सामने आई

न्यूज एजेंसी एपी ने इस घटना का एक वीडियो हासिल किया। इस वीडियो से ही पुलिस के टॉर्चर और ग्रीन की मौत से पर्दा हटा। वीडियो में दिख रहा है कि सभी श्वेत पुलिस अधिकारी थे। इन्होंने ग्रीन की कार का दरवाजा खोला और उसे स्टन गन से करंट दिया। इसके बाद ग्रीन चीखने लगा कि मुझे माफ कर दो, मैं डरा हुआ हूं।

अधिकारियों ने उसे जमीन पर गिरा दिया और उसकी गर्दन दबा दी। इसके बाद उसके चेहरे पर घूंसे मारे। इसके बाद एक पुलिसवाले ने उसे घसीटा। उसे हथकड़ी लगाने से पहले एक और बार करंट दिया गया।

जब वीडियो सामने आया तो राज्य के अधिकारियों ने भी एक वीडियो रिलीज किया। इसमें ग्रीन के शरीर पर गड़े स्टन गन से निकले तार दिखाई दे रहे हैं। एक पुलिस अधिकारी कह रहा है- उसकी गर्दन दबा दो। उसे कंट्रोल करने के लिए सबकुछ करो। हम उससे लड़ रहे हैं और उस पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं।

पुलिसवाले सस्पेंड होने के बाद हुए थे बहाल

ग्रीन के परिवार ने इस मामले में 2020 में केस किया था। जिन पुलिसवालों का नाम इस केस में था, उन्हें सस्पेंड तो किया गया था पर वो बाद में फिर काम पर लौट आए। इनमें से एक पुलिसवाले की कार हादसे में मौत हुई थी। ये हादसा उस सूचना के चंद घंटों के बाद हुआ था, जिसमें उसे बताया गया था कि वह ग्रीन केस के चलते सस्पेंड कर दिया गया है।

रोनाल्ड ग्रीन की मौत पर पुलिस के 3 दावे

  • पहला दावा: मामला 10 मई 2019 का है। पुलिस ने 49 वर्षीय रोनाल्ड ग्रीन की कार को रोकने की कोशिश की थी। पुलिस ने बताया था कि रोनाल्ड ने ट्रैफिक वॉयलेशन किया था, हालांकि ये वॉयलेशन क्या था, ये पुलिस ने क्लियर नहीं किया। पुलिस ने ग्रीन के रिश्तेदारों को बताया था कि मौत कार एक पेड़ से टकरा गई थी और ग्रीन की जान चली गई।
  • दूसरा दावा: पुलिस ने अपनी लिखित रिपोर्ट में कहा कि ग्रीन को जब पुलिसवालों ने अरेस्ट करने की कोशिश की तो उसने संघर्ष किया। वह हादसे में बच गया था। उसे चोटें आई थीं। हॉस्पिटल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई।
  • तीसरा दावा: इसके बाद पुलिस ने कहा कि इस घटना के दौरान ग्रीन पर बल प्रयोग किया गया था। हालांकि, पुलिस महकमे ने इसे जायज ठहराया था।

अमेरिका में नस्ली हिंसा का यह नया मामला नहीं है। वहाँ गोरों के भीतर काले इंसानों के लिए गहरी नफरत है, जो हिंसा में बदलती रहती है। कालों के प्रति गोरे पुलिस के दमन व अत्याचार की अनंत गाथाएं हैं। इतिहास के पन्ने अमेरिकी रक्तरंजित घटनाओं की गवाह है, जो आज भी जारी है।

दैनिक भास्कर से साभार व संपादित

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