चक्रवाती तूफान तोकते का कहर: केरल, गोवा, मुंबई में भारी बारिश और तबाही

अरब सागर में पैदा हुआ यह ख़तरनाक “चक्रवाती तूफान तोकते” केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा और महाराष्ट्र में तबाही मचाने के बाद आज रात गुजरात तट पर पहुंचेगा

मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि “चक्रवाती तूफान तोकते” ने अब “बेहद खतरनाक चक्रवाती तूफान” का रूप धारण कर लिया है और आज रात 8 से 11 बजे के बीच 156-165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए इसके दीव के पूर्व में पोरबंदर और महुवा (भावनगर जिला) के बीच गुजरात तट को पार करने की बहुत संभावना है।

भारत में चक्रवाती तूफान का केंद्र और आगे बढ़ने की दिशा

आपदा प्रबंधन विभाग ने मुंबई, रायगढ़, पालघर, रत्नागिरी, थाने जिले के आसपास अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम विभाग ने 100 – 120 किमी की तेज रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश होने की चेतावनी जारी कर दी है।

महाराष्ट्र सीएमओ के अनुसार अभी तक चक्रवाती तूफान की वजह से 6 लोग मारे जा चुके हैं, 9 घायल हुए हैं और 12500 लोगों को बचा कर दूसरी जगह पर ले जाया गया है। 2,542 घरों को तूफान से नुकसान पहुंचा है और 6 घर पूरी तरीके से ध्वस्त हो चुके हैं। इस वक्त मुंबई में 100 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हो रही है सड़कों पर पेड़ गिरे पड़े हैं और अरब सागर लगातार उफान पर है। तटीय इलाकों से कोरोना के करीब 600 मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है।

एएनआई के अनुसार अहमदाबाद के धोलेरा गांव से हजारों लोगों को बचाकर दूसरी जगह ले जाया गया। डेक्कन हेराल्ड के अनुसार गुजरात में डेढ़ लाख लोगों को दूसरी जगह ले जाया गया। इनमें से ज्यादातर कोरोना के वे मरीज थे जो समुद्र तट से 5 किलोमीटर के दायरे में पड़ने वाले अस्पतालों में भर्ती थे। गुजरात के तटीय इलाकों में इस वक्त तेज गति से धूल भरी हवाएं चल रही है।

इस चक्रवाती तूफान ने केरल, कर्नाटक, गोवा के तटीय इलाकों में खतरनाक तबाही मचाई है। यहां अभी तक 10 के करीब लोगों के आधिकारिक तौर पर मारे जाने और कईयों के घायल होने की खबर है। कर्नाटक में चार, गोवा में दो, केरल में 2 लोग चक्रवाती तूफान की वजह से मारे गए। केरल में 23 मछुआरे अभी भी गायब हैं।

इस चक्रवाती तूफान ने भारत के दक्षिण पश्चिम तटीय क्षेत्रों को रौंद के रख दिया है। यह सब अरब सागर के तट के इलाके हैं। समंदर में फंसे 400 से ज्यादा व्यापारी जहाजों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

भारत इस वक्त कोरोना महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है। हर रोज 3 लाख से ज्यादा कोविड-19 संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं और 4000 से ज्यादा लोग मारे जा रहे हैं। ऐसे में तटीय इलाकों में चक्रवाती तूफान उठने से वहां अस्पतालों में ऑक्सीजन, दवाइयों की सप्लाई बाधित हो सकती है। बिजली सप्लाई बाधित होने से पूरी व्यवस्था ठप्प हो सकती है। कोरोना और लॉकडाउन की वजह से जनमानस की रोजी रोटी पहले ही प्रभावित है अब इस चक्रवाती तूफान से समस्या और विकराल हो गई हैं।

पश्चिमी तटों पर 1998 के बाद इतना खतरनाक चक्रवाती तूफान आया है। 1998 में करीब 4000 लोग चक्रवाती तूफान के शिकार हुए थे। पिछले साल मई में बंगाल की खाड़ी में अंफाल चक्रवाती तूफान से 100 से ज्यादा लोग मारे गए थे और पश्चिम बंगाल तथा उड़ीसा राज्य बुरी तरीके से प्रभावित हुए थे।

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