पंचायत चुनाव ड्यूटी के दौरान 1500 शिक्षक-कर्मचारी की कोविड के कारण मौत, मतगणना बहिष्कार का ऐलान

भयावह लापरवाही, जबरिया मौत की ओर धकेला

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश (UP) के आधा दर्जन से अधिक शिक्षक कर्मचारी संगठनों ने कोरोना महामारी के बीच हो रहे पंचायत चुनाव में काउंटिंग की ड्यूटी के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है. इन संगठनों का दावा है कि चुनाव ड्यूटी में लगे शिक्षकों-कर्मचारियों की कोरोना होने से मौत हो गई है. पंचायत चुनाव की ड्यूटी के दौरान तमाम शिक्षक, कर्मचारी और पुलिस वालों की जान गई है. उनका दावा है कि शिक्षक, कर्मचारी, इंजीनियर, होमगार्ड और पुलिसवालों, सबकी बड़ी संख्‍या में मौत हुई है. कर्मचारी शिक्षक संगठनों ने कोरोना महामारी के दौर में काउंटिंग की ड्यूटी के बहिष्‍कार का ऐलान किया है.

इन्‍होंने अपने बयान में कहा है कि पूरा पंचायत चुनाव गाइडलाइन के खिलाफ हुआ है. चुनाव ड्यूटी के दौरान 1500 के आसपास शिक्षक-कर्मचारी कोविड के कारण जान गंवा चुके हैं जबकि कई हजार शिक्षक-कर्मचारी संक्रमित होकर इलाज करा रहे हैं. बड़ी संख्‍या में शिक्षक कर्मचारी होम आइसोलेशन में है. बयान में यह भी कहा गया है कि संक्रमित लोगों की भी काउंटिंग में ड्यूटी लगाई गई है, ऐसा करना इन्‍हें मौत के मुंह में ढकेलने की तरह है. अगर काउंटिंग नहीं टाली गई तो उसका बहिष्‍कार किया जाएगा.

यूपी शिक्षक महासंघ के प्रवक्‍ता डॉ. आरके मिश्रा कहते हैं, ‘इन परिस्थितियों में जबकि हमारे जो शिक्षक हैं, जिन्‍होंने ड्यूटी की, उनमें बहुत से संक्रमित हैं. वर्तमान परिस्थितियों में विभाग द्वारा कोविड नियमों का विधिवत पालन नहीं किया जा रहा है. ऐसे में तत्‍काल इसे स्‍थगित किया जाना चाहिए. काउंटिंग सेंटर पर जापने के लिए कोविड की जांच कराने वालों की भारी भीड़ उमड़ रही है. काउंटिंग के दिन लाखों उम्‍मीदवार, पोलिंग एजेंट और कर्मचारी काउंटिंग सेंट पर जाएंगे जिनके लिए 48 घंटे के अंदर कोविड की RTPCR को जरूरी करार दिया गया. ‘

सोनभद्र से प्रत्‍याशी जगत तिवारी कहते हैं,’हम लोगों को यही निर्देशित किया गया कि बिना कोविड जांच कराए हुए मतगणना स्‍थल पर नहीं जा पाएंगे. इसलिए सुबह से हम लोग लाइन में लगे रहे लेकिन हम लोगों की जांच नहीं हो पाई. 4 बज गए. कल के लिए हम लोगों को कहा गया है कि आप लोग जांच करा लीजिएगा.’ रामपुर में तो कोरोना  टेस्टिंग कराने चुनाव से जुड़े लोग पहुंचे तो उन्‍हें नोटिस लगा मिला की टेस्टिंग किट न होने के कारण उनका टेस्‍ट नहीं हो सकता. कोविड टेस्‍ट की दुश्‍वारियों को देखते हुए अब चुनाव आयोग ने कहा कि RTPCR, एंटीजन टेस्‍ट की निगेटिव रिपोर्ट के अलावा थर्मल स्‍क्रीनिंग कर के भी लोगों को काउंटिंग सेंटर में जाने दिया जाएगा.

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