मोदी की 20 हज़ार करोड़ की “सेंट्रल विस्तारा” योजना दिल्ली में लाशों की बढ़ती गिनती के बीच भी चालू

दिल्ली के बीचों बीच इंडिया गेट के पास, 20 हज़ार करोड़ की लागत से, 3.2 km के दायरे में फैला हुआ आलीशान महल तैयार किया जा रहा है नाम है सेंट्रल विस्तरा प्रोजेक्ट।

इस परियोजना के लिए राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, इंडिया गेट युद्ध स्मारक सहित 35 हेक्टेयर क्षेत्र की भूमि “मनोरंजन और सार्वजनिक सुविधाओं” से बदलकर “सरकारी उपयोग” के लिए घोषित हो चुकी है।

लॉकडाउन के दौरान दिल्ली में निर्माण कार्य पर बाहर से मज़दूर लाकर काम करवाने पर रोक है मगर सेंट्रल विस्टा के लिए 180 गाड़ियों को मज़दूरों को लाने और ले जाने की खास अनुमति दी गई है। पूरी दिल्ली में सिर्फ़ यही एक निर्माण कार्य चल रहा जिसे “अति आवश्यक सेवा” के नाम पर जारी रखा गया है।

कोविड की वजह से दिल्ली में अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे हैं, ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं होना रही है, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है। मरने के बाद भी शमशान घाट पर लाशों को जलाने के लिए 20 घंटे की वेटिंग लिस्ट है। कल 27 अप्रैल को दिल्ली में एक दिन में रिकॉर्ड 381 लोगों की मौत हुई है और 24 घंटे में कोरोना संक्रमितों की संख्या 15000 को पार कर गई।

24 अप्रैल को रिकॉर्ड 357 लोगों की मौत हुई थी। पिछले सप्ताह सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार करीब 3000 लोग कोरोना से मारे गए। ये सरकारी आंकड़ा है शमशान घाटों की वेटिंग लिस्ट बताती है कि असल आंकड़े काफ़ी ज्यादा है। दिल्ली में मौत के रोज नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो चुकी है। जीवनरक्षक दवाओं की रोज कालाबाजारी हो रही है मगर अमित शाह की दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार इसे रोकने में नाकाम रहे हैं।

ऐसे में जब दिल्ली में कंटेनमेंट जोन की संख्या 22 हज़ार से बढ़कर 24,802 हो चुकी है और 19 तारीख से 3 मई तक का लॉकडाउन घोषित है, लोग अपने परिजनों को बचाने के लिए एक हॉस्पिटल से दूसरे हॉस्पिटल दौड़ रहे हैं, अस्पताल वाले ऑक्सीजन की कमी के लिए गुहार लगा रहे हैं, ऑक्सीजन की कमी की वजह से दिल्ली में ही जयपुर गोल्डन अस्पताल में 20 लोगों की मौत हो गई, मगर सेंट्रल विस्टारा का काम नहीं रुकने वाला ठीक वैसे ही जैसे बंगाल में मोदी की चुनावी रैली नहीं रुकी।

केंद्र सरकार द्वारा नए ऑक्सीजन प्लांट बनाने के लिए 201 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं जिससे 162 ऑक्सीजन प्लांट बनाए जा सकेंगे। वहीं सिर्फ नया संसद भवन बनाने के लिए 971 करोड़ का बजट है। इस सरकार की नीयत और प्राथमिकताएं तय है।

भूली-बिसरी ख़बरे

%d bloggers like this: