मारुति यूनियन ने माइक्रोमैक्स व वोल्टास मज़दूरों को दिया समर्थन, कार्यबहाली की माँग की

गुडगाँव से मज़दूर नेता पहुंचे संघर्षरत मज़दूरों के बीच पंतनगर

पन्तगर (उत्तराखंड)। कार्यबहाली के लिए संघर्षरत भगवती-माइक्रोमैक्स तथा वोल्टास मज़दूरों के समर्थन में गुडगाँव-मानेसर की मारुति सुजुकी यूनियन भी आ गई है। सिडकुल पंतनगर स्थित दोनों कम्पनियों के धरना स्थलों पर मारुति सुजुकी वर्कर्स यूनियन के प्रधान ने पहुंचकर मज़दूरों से बातचीत की और न्याय हित में मज़दूरों की आवाज़ बुलंद करने का वायदा किया।

मारुति सुजुकी वर्कर्स यूनियन मानेसर, गुड़गांव के प्रधान अजमेर सिंह और मारुति सुजुकी प्रोविजन कमेटी के खुशी राम ने कहा कि माइक्रोमैक्स व वोल्टास के मज़दूर साथियों के संघर्ष के बारे में सुनते रहे हैं इसीलिए गुड़गांव से समर्थन देने आए हैं और जरूरत पड़ी तो गुड़गांव क्षेत्र के मजदूर संघर्षरत मजदूर साथियों के पक्ष में आंदोलन तेज करेंगे।

यूनियन प्रधान ने कहा कि मारुति यूनियनों के साझा मंच मारुति सुजुकी मज़दूर संघ से भी इन आंदोलनों को हर प्रकार का समर्थन व सहयोग दिया जाएगा। मज़दूर नेताओं ने दोनों कम्पनियों के श्रमिकों की कार्यबहाली ना करने पर क्षोभ जताया और प्रशासन से समस्त श्रमिकों की तत्काल सवेतन कार्यबहाली कराने की माँग की।

उन्होंने कहा कि यदि कोई मसला मज़दूरों के खिलाफ होता है तो श्रम विभाग प्रशासन और पुलिस पूरी तरीके से सक्रिय हो जाती है, लेकिन जब मज़दूरों की जीत होती है तो प्रशासन उन्हें दबाने का ही काम करता है, इसलिए मज़दूरों की व्यापक एकता इसका मुकाबला कर सकती है।

मज़दूर नेताओं ने मज़दूरों के साथ मारुति मज़दूरों और गुडगाँव-मानेसर-धारूहेड़ा के मज़दूर संघर्षों के अनुभव को भी साझा किया। मोदी सरकार के मज़दूर विरोधी चार लेबर कोड का एकजुट विरोध करने का भी आह्वान किया। भगवती मज़दूरों के धरना स्थल पर मज़दूरों के लंगर से ही उन्होंने भोजन ग्रहण किया।

भगवती प्रोडक्ट्स माइक्रोमैक्स का धरना स्थल

गुड़गांव से आए मारुति सुज़ुकी के मज़दूर नेता भगवती माइक्रोमैक्स के गेट पर उनके धरना स्थल पर पहुंचे। मज़दूर नेताओं ने कहा कि हम लंबे समय से माइक्रोमैक्स के साथियों के संघर्ष के बारे में सुनते रहे हैं, उनके जुझारूपन की वजह से ही हम यहाँ आए हैं।

नेताओं ने कहा कि यह बड़े ही दुख का विषय है कि 29 महीने से मज़दूर लगातार संघर्षरत हैं माननीय न्यायालय ने 303 श्रमिकों की छँटनी को अवैध घोषित कर दिया है। इसके बावजूद श्रम विभाग और प्रशासन श्रमिकों की कार्यबहाली नहीं करा रहा है। उन्होंने मज़दूरों को हर प्रकार का समर्थन व सहयोग देने की घोषणा की और कोर्ट के आदेश पर तत्काल रिहाई की माँग की।

भगवती श्रमिक संगठन के प्रतिनिधि नंदन सिंह, दीपक सनवाल, वंदना बिष्ट, ठाकुर सिंह व लोकेश पाठक ने मज़दूर नेताओं को अपनी व्यथा सुनाई और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर उपस्थित मज़दूरों ने भी मारुति मजदूरों के संघर्षों के बारे में भी जानकारी ली और अपने संघर्षों के बारे में भी बताया।

वोल्टास मज़दूरों का धरना स्थल

गुडगाँव से आए मारुति के मज़दूर नेताओं ने डेढ़ साल से 9 श्रमिकों की कार्यबहाली के लिए संघर्षरत वोल्टास के मज़दूरों धरना स्थल पर आकर समर्थन दिया। उन्होंने टाटा ग्रुप की वोल्टास जैसी कंपनी के प्रबन्धन की मज़दूरों व यूनियन के प्रमुख नेताओं के साथ मनमानेपन की निंदा की।

मज़दूर नेताओं ने प्रबन्धन से श्रमिकों की तत्काल कार्यबहाली की माँग की। मारुति के संघर्ष को बताते हुए उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में गुड़गांव क्षेत्र की यूनियनें आपके साथ हैं और हर स्तर पर सहयोग किया जाएगा। साथ ही स्थानीय सभी मज़दूर भाइयों से समर्थन-सहयोग की अपील की।

वोल्टास इम्पलाइज यूनियन के अध्यक्ष मनोज कुमार, महामंत्री दिनेश चन्द्र पन्त ने दोनों मज़दूर नेताओं को धन्यवाद दिया और कहा कि आज दुनिया भर के मालिक मज़दूर शोषण के लिए एकजुट हैं, शासन-प्रशासन-सरकार उनके साथ है, श्रम क़ानूनी अधिकार छीने जा रहे हैं, ऐसे में हर क्षेत्र के मज़दूरों की एकजुटता ही इसका मुकाबला कर सकती है।

भूली-बिसरी ख़बरे

%d bloggers like this: