हवाई अड्डों के निजीकरण के विरोध में एयरपोर्ट कर्मियों का धरना

अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, गुवाहाटी, त्रिवेंद्रम, मेंगलोर एयरपोर्ट बेचने का विरोध

भोपाल। एयरपोर्ट अथॉरिटी एम्पलाइज यूनियन ने देश के प्रमुख एवं लाभ वाले हवाई अड्डों के निजीकरण के विरोध में बुधवार को राजा भोज एयरपोर्ट पर धरना शुरू किया। यूनियन ने अखिल भारतीय स्तर पर संयुक्त फोरम के बैनर तले केंद्र सरकार के निर्णय के विरोध में नारेबाजी की।

एयरपोर्ट अथॉरिटी एम्पलाइज यूनियन के सचिव सिद्धार्थ यादव की अगुवाई में कर्मचारियों ने अवकाश लेकर धरना शुरू किया। इस अवसर पर कर्मचारियों ने कहा कि देश के बड़े हवाई अड्डों का निजीकरण करना आम जनता एवं कर्मचारियों के हित में नहीं है। इससे जनता पर बहुत भार पड़ेगा और उसके दुष्परिणाम नागरिकों को भुगतने होंगे। निजीकरण से कर्मचारियों के हित भी प्रभावित होंगे। यूनियन ने अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, गुवाहाटी, त्रिवेंद्रम, मेंगलोर आदि एयरपोर्ट निजी समूह को बेचने का विरोध किया है।

यूनियन ने कहा है कि इस निर्णय से कर्मचारी हित प्रभावित होंगी। जनता भी परेशान होगी। बड़े उद्योग समूह कीमती जमीन का उपयोग अपने हित में करेंगे। देश को नुकसान उठाना पड़ेगा। कर्मचारियों को पहले ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निजीकरण से संबंधित उद्योग समूह को छोड़कर किसी को भी लाभ नहीं होगा।

हालांकि कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद बुधवार को राजा भोज एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन सामान्य रहा। यात्रियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। सुबह की उड़ानें समय पर भोपाल पहुंचीं। इस दौरान यात्रियों को कर्मचारियों की हड़ताल का एहसास भी नहीं हुआ। कुछ कर्मचारी नियमित रूप से काम करते नजर आए। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि फिलहाल उन्होंने उड़ान संचालन अवरुद्ध करने का निर्णय नहीं लिया है। यदि अखिल भारतीय स्तर पर निर्देश मिले तो आने वाले दिनों में उड़ान संचालन प्रभावित हो सकता है।

नईदुनिया से साभार

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