कपड़ा प्रिंट करते हुए फैक्ट्री में धमाका, एक की दर्दनाक मौत

प्रिंट किए कपड़ाें के कलर पकाने वाली मशीन का ढक्कन उड़ा

मंडिया राेड-महावीर नगर इलाके में स्थापित एक फैक्ट्री में प्रिंट किए कपड़ाें के कलर पकाने वाली मशीन का ढक्कन शनिवार शाम 5 बजे तेज धमाके के साथ उड़ गया। इससे फैक्ट्री में आग भी फैल गई। यह ढक्कन सीधे बगड़ी कलालिया निवासी श्रमिक मेसा सिंह उर्फ संताेषसिंह रावत पर गिरा, सिर में गंभीर चाेट लगने से वह गंभीर रूप से घायल हाे गया। श्रमिक काे बांगड़ अस्पताल में मृत घाेषित कर दिया।

रावत समाज के लाेग फैक्ट्री मालिक पर लापरवाही का आराेप लगाते हुए हंगामा करते रहे। गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। हादसा पद्मावती प्राेसेस नाम की फैक्ट्री में हुआ। फैक्ट्री परिसर में तेज धमाका व आग धधक जाने से था कि आसपास के इलाके में एकबारगी दहशत का माहाैल बन गया। फैक्ट्री के श्रमिकाें में भगदड़ मच गई।

बताया गया मशीन के जरूरी सुरक्षा उपकरण नहीं थे। मृतक संताेषसिंह बगड़ी कलालिया का रहने वाला है। उसके पिता की माैत हाे चुकी है। वे दाे भाई हैं। दाेनाें 8 महीने पहले ही पाली आकर फैक्ट्री में मजदूरी करने लगे थे। रविवार काे वह हाेली मनाने के लिए गांव जाना चाता था। इधर, आक्रोश जताने वालों में समाज के अध्यक्ष माेहनसिंह गहलाेत, युवा शाखा के अध्यक्ष प्रवीणसिंह चाैहान तथा सरंक्षक देवीसिंह रावत की अगुवाई में बड़ी संख्या में जमा हुए लाेगाें ने हंगामा किया।

हादसा शाम 5 बजे के करीब हुआ, मृतक का भाई समेत अन्य श्रमिक ही उसे बांगड़ अस्पताल लेकर पहुंचे, उसकी माैत के बाद भी फैक्ट्री मालिक या उसके परिवार का सदस्य ही नहीं पहुंचा। रात 11 बजे तक मालिक काे समाज के लाेगाें ने नंबर लेकर कई बार माेबाइल पर काॅल किया, मगर उस पर काेई रेस्पांस नहीं मिला।

फैक्ट्री में किसी हादसे में एक श्रमिक घायल हुआ था। बाद में उसकी माैत हाे गई। परिवार वालाें ने देर शाम तक काेई रिपाेर्ट नहीं दी है।

दैनिक भास्कर से साभार

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