हड़ताल का पहला दिन : देशभर में बंद रहे सार्वजनिक बैंक

16 मार्च को भी जारी रहेगी निजीकरण के खिलाफ हड़ताल

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हड़ताल से सोमवार को देशभर में बैंकों में चेक क्लीयरेंस सहित अन्य बैंक सेवाओं पर असर दिखा। राजधानी दिल्ली से लेकर देश के सभी प्रांतों में बैंक बंद रहे। दो दिवसीय हड़ताल में 10 लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी शामिल रहे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने पेश आम बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण की घोषणा की है। मोदी सरकार इससे पहले आईडीबीआई बैंक का निजीकरण कर चुकी है। इसके अलावा सरकार पिछले चार साल के दौरान 14 बैंकों का आपस में विलय भी कर चुकी है।

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यूनियनों ने कहा कि मोदी सरकार का सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का प्रस्ताव जन विरोधी और देश विरोधी प्रस्ताव है। पिछले 50 वर्षों में देश के आर्थिक विकास में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जनता का मेहनत से कमाई गई बचत का विश्वस्त संरक्षक की भूमिका में रही है।

नेताओं ने कहा कि आज जब देश आर्थिक हालात और विकास दर बदतर स्थिति में है तो मोदी सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत करने के बदले उन्हीं कॉर्पोरेट के हाथों सौंप रही है जिन्होंने बैंक कर्ज की विशाल राशि को लौटाने की बजाय पचाने का काम किया है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को उन्हीं कॉर्पोरेट को सौंप दिया जायेगा जिन्होंने बैंकों से विशाल राशि कर्ज लेकर चुकता नहीं किया।

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इससे ग्रामीण क्षेत्र में बैंक शाखाओं की बंदी, कृषि ऋण में भारी कटौती, मध्यम व लघु उद्यम कर्मियों को मिलने वाली ऋण की राशि में कमी, शिक्षा ऋण मिलना मुस्किल, गरीबों और कमजोर वर्ग को ऋण मिलना मुस्किल हो जायेगा। बुनियादी ढ़ांचे और प्राथमिक क्षेत्र के लिए ऋण राशि उपलब्ध होना मुस्किल हो जायेगा।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) का आह्वान

सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण की सरकार की घोषणा के खिलाफ इस हड़ताल का आह्वान किया गया है। यूएफबीयू ने 15 और 16 मार्च को दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया है। निजी क्षेत्र के बैंक इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं।

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यूएफबीयू बैंकों के अधिकारी और कर्मचारियों की नौ यूनियनों का एक संयुक्त मंच है। इसके बैनर तले ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (एआईबीईए), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (एआईबीओसी), नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (एनसीबीई), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए) और बैंक एम्प्लॉइज कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई) के साथ ही इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन (आईएनबीईएफ), इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (आईएनबीओसी), नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्ल्यू) और नेशनल ऑर्गइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (एनओबीओ) शामिल हैं।

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