किसान मोर्चा का ऐलान, 15 को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन, 26 को भारत बंद

13 मार्च को टिकरी बार्डर, पकौड़ा चौक पर किसान-मज़दूर एकजुटता

मोदी सरकार  के जनविरोधी तीन कृषि कानूनों के खिलाफ ‘सयुंक्त किसान मोर्चा’ ने नए कार्यक्रमों का ऐलान किया है। 15 मार्च को महँगाई व निजीकरण के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन होंगे। 23 मार्च को शहीद भगत सिंह के शहादत दिवस पर देशभर के युवा दिल्ली बॉर्डर्स पहुंचेंगे। आंदोलन के 4 महीने पूरे होने पर 26 मार्च को भारत बंद होगा। 28 मार्च को काले कानूनों की होली जलेगी।

इसी क्रम में 13 मार्च को टिकरी बार्डर पर पकौड़ा चौक पर बीकेयू उगरहाँ के मंच पर किसान-मज़दूर एकजुटता का प्रदर्शन होगा, जिसमें संघर्षशील ट्रेड यूनियनों के साझा मंच मज़दूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा) और उससे जुड़े संगठन व मज़दूर काले तीन कृषि कानूनों और चार लेबर कोड के खिलाफ संयुक्त प्रदर्शन करेंगे।

कोलकाता में ‘नो वोट टू बीजेपी’ रैली

10 मार्च को कोलकाता में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य नारा था ‘नो वोट टू बीजेपी’। इस रैली में मंजीत सिंह धनेर, हरनेक सिंह, रमिंदर सिंह पटियाला, सुरेश खोथ, मंजीत सिंह राय, अभिमन्यु कोहर, रंजीत राजू आदि किसान नेताओं ने भाग लिया। इस रैली में 10 हजार से अधिक छात्रों, युवाओं, किसानों, श्रमिकों व जागरूक नागरिकों ने भाग लिया।

किसान-मजदूर जागृति’ यात्रा

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने कहा कि ‘किसान-मजदूर जागृति’ यात्रा काशीपुर से शुरू होकर दिनेशपुर पहुंची। जिसमें बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों, चार पहिया गाड़ियों तथा दो पहिया वाहनों ने हिस्सा लिया। 10 मार्च को ‘किसान-मजदूर जागृति यात्रा’ दिनेशपुर गुरुद्वारा से चलकर गुरुद्वारा हजूर साहब बढ़ापुर अमरिया पहुंची।

11 मार्च से बिहार में किसान यात्राएं 

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ के नेताओं ने बताया कि 11 से 15 मार्च में बिहार में किसान यात्राएं निकाली जाएंगी, जिनका समापन 18 मार्च को सम्पूर्ण क्रांति दिवस के अवसर पर पटना में विधानसभा मार्च में होगा। इस मार्च में हज़ारों किसान भाग लेंगे।

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संयुक्त किसान मोर्चा’ द्वारा घोषित कार्यक्रम

  • 15 मार्च को ‘कॉरपोरेट विरोधी दिवस’ व ‘सरकार विरोधी दिवस’ मनाया जाएगा जिसमे डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस व अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ रहे दामों के खिलाफ DM और SDM को ज्ञापन देकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसी दिन देशभर के रेलवे स्टेशनों पर मजदूर संगठनों के साथ निजीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किये जाएंगे।
  • 17 मार्च को मजदूर संगठनों व अन्य जन अधिकार संगठनों के साथ 26 मार्च के प्रस्तावित भारत बंद को सफल बनाने के लिए एक कन्वेंशन किया जाएगा।
  • 19 मार्च को मुज़ारा लहर का दिन मनाया जाएगा और FCI और खेती बचाओ कार्यक्रम के तहत देशभर की मंडियों में विरोध प्रदर्शन किये जाएंगे।
  • 23 मार्च को शहीद भगत सिंह के शहीदी दिवस पर देशभर के नौजवान दिल्ली बॉर्डर्स पर किसानों के धरनों पर शामिल होंगे।
  • 26 मार्च को इस अन्दोलन के 4 महीने होने पर पूर्ण रूप से भारत बंद किया जाएगा।
  • 28 मार्च को देशभर में होली दहन में किसान विरोधी कानून जलाए जाएंगे।

‘सयुंक्त किसान मोर्चा’ ने हरियाणा की जनता का धन्यवाद किया है, जिन्होंने किसान विरोधी भाजपा व जजपा सरकार के खिलाफ अपनी पूरी ताकत दिखाई। किसान मोर्चा ने कहा कि अपने आप को किसानी समाज से जुड़ी पार्टी बताने वाली जजपा का किसान विरोधी चेहरा पूरी तरह से बेनकाब हो गया है। इस आन्दोलन के चलते इन विधायकों का कोई राजनीतिक भविष्य नहीं बचा है।

किसानों ने इन किसान विरोधी चेहरों के खिलाफ संघर्ष के बीज बो दिए हैं व इनकी कटाई भी जल्द होगी। हरियाणा के किसान भाजपा व जजपा विधायकों का सामाजिक बहिष्कार करके इस आन्दोलन को तेज करेंगे।

वेबसाइट से फर्जी खबरें

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने कहा कि यह किसान आंदोलन पूर्ण रूप से शांतमयी है। कुछ वेबसाइट को “SARBLOH RANSOMWARE” नामक सॉफ्टवेयर से किसान आंदोलन संबंधित धमकी भरे संदेश भेजे जा रहे हैं जो कि ‘सयुंक्त किसान मोर्चा’ या पंजाब के किसान संगठनों से संबंधित नहीं है। किसान आंदोलन के नाम पर इस तरह की हड़ताल के तरीकों का हम समर्थन नहीं करते।

किसान महापंचायतें जारी

10 मार्च को संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने हरियाणा के जींद जिले के अलेवा में एक विशाल किसान-मजदूर एकता महापंचायत का आयोजन किया। इसे अशोक धवले, जोगिंदर सिंह उग्राहा, सुरेखा, फूल सिंह शोकंद और कई अन्य नेताओं ने संबोधित किया।

भिवानी के दुल्हेड़ी में किसान-मजदूर महापंचायत आयोजित की गई। पंचायत में सर्वसम्मति से फैसले किये गए कि तीन कृषि कानून, विद्युत व प्रदूषण सम्बधी कानून रद्द किए जाएं व MSP पर कानून बने।

किसान आंदोलन हर मौसम में मजबूत रहा है। पंजाब में पिछली गर्मियो से शुरू हुए इस आन्दोलन ने गहरी सर्दी में भी खुद को जिंदा रखा है। कल टीकरी बॉर्डर पर फिर बारिश हुई। हालांकि सरकार ने प्रदर्शनकारियों को सुविधाएं प्रदान नहीं की है पर किसानों ने इस आपदा से भी निपटने के पूरे प्रबंध कर लिए हैं।


‘संयुक्त किसान मोर्चा’ की ओर से डॉ दर्शन पाल द्वारा जारी

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