सैनिकों और उनके सामान के साथ मोदी राज में फिर भटकी ट्रेन

ट्रेनों को भटकाने में भी पहली सरकार बनी मोदी सरकार

आगरा. ट्रेन भटकर एक बार फिर आगरा की जगह राजस्थान पहुंच गई. वहीं हैरान कर देने वाली बात यह है कि ट्रेन कई किलोमीटर गलत रास्ते पर चली गई लेकिन ड्राइवर और लोको पायलट दोनों को इसका नहीं पता चला.

मिलिट्री स्पेशल ट्रेन में सेना का आवश्यक सामान और कुछ जवान भी सवार थे. ट्रेन को मथुरा से चलकर आगरा होते हुए दिल्ली जाना था लेकिन ट्रेन राजस्थान के दौसा पहुंच गई. संयोग ये अच्छा रहा कि बिना किसी दुर्घटना के मालगाड़ी दौसा पहुंच गई.

वहीं जब ट्रेन दौसा पहुंची तो ट्रैफिक कंट्रोलर ने मालगाड़ी को आगे जाने से रोक दिया और जानकारी अधिकारियों को दे दी. जिसके बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में ट्रेन का इंजन बदलकर मालगाड़ी को दिल्ली भेजा गया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रेन में गार्ड और लोको पायलट जयपुर मंडल के ही थे और इसके बाद भी उन्हें गलत रास्ते का अंदाजा नहीं लगा.

गलत रास्ते पर ट्रेन के जाने के बढ़ते मामलों को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने जांच कमेटी बनाई है. वहीं आगरा मंडल और जयपुर मंडल ने ट्रेन के लोको पायलट और गार्ड को तलब किया है. जिसके बाद दोनों से पूछताछ की जाएगी. मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन जब मथुरा से दिल्ली के लिए निकली तब मथुरा कंट्रोलर ने उसे आगरा की बजाय जयपुर की तरफ सिग्नल दे दिया. जिसके बाद ट्रेन जयपुर की तरफ निकल गई. ट्रेन निकलने के बाद ना ही ट्रैफिक कंट्रोलर ने मिलिट्री स्पेशल मालगाड़ी की सुध ली और ना ही लोको पायलट को पता चला कि ट्रेन कहां और कैसे जा रही है.

हिन्दुस्तान स्मार्ट से साभार

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