सावित्रीबाई फुले को याद किया, 5 साल की बच्ची से बर्बरता का विरोध हुआ

जन संघर्ष मंच हरियाणा ने की श्रद्धांजलि सभा

कुरुक्षेत्र (हरियाणा)। जन संघर्ष मंच हरियाणा द्वारा देश की प्रथम महिला शिक्षिका, नारी मुक्ति संघर्ष की प्रेरणा स्रोत सावित्रीबाई फुले के निधन दिवस पर श्रद्धांजलि सभा में बच्चियों, महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। चंडीगढ़ में एक 5 साल की बच्ची की बर्बरता पूर्ण बलात्कार व हत्या तथा न्याय की माँग करने वालों की गिरफ़्तारी की कड़े शब्दों में निंदा की।

मंच की कुरुक्षेत्र इकाई द्वारा शास्त्री नगर कुरुक्षेत्र में स्मृति सभा में सावित्रीबाई फुल्ले को क्रान्तिकारी श्रद्धांजलि पेश की गई व अपने वक्तव्य रखे। वक्ताओं ने चंडीगढ़ की बर्बर घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बलात्कारी खुले घूम रहे हैं और न्याय की मांग करने वालों को पुलिस जेलों में ठूंस दी है, जिसका हम पुरजोर विरोध करते है।

मंच महासचिव सुदेश कुमारी ने कहा कि सावित्रीबाई फुल्ले भारत के पहले बालिका विद्यालय की प्रथम शिक्षिका, प्रिंसिपल व संस्थापक थी। अपने पति ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर जातिवाद छुआछूत मिटाने, दलितों और महिलाओं को शिक्षित बनाने के लिए व सती प्रथा, विधवा विवाह निषेध के खिलाफ संघर्ष किया और अपने जीवन को एक मिशन की तरह जिया।

लेकिन हमारे देश के मनुवादियों ने सावित्रीबाई फुले पर गोबर कीचड़ फैंक कर उनका विरोध किया क्योंकि इन्हीं मनु वादियों की वजह से हमारे देश में हजारों सालों से महिलाओं दलितों को अधिकारों से वंचित रखा गया और उन्हें ताड़न के अधिकारी बनाया गया और मनुस्मृति के मुताबिक रात और दिन कभी भी किसी भी समय स्त्री को स्वतंत्र नहीं होने देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले फातिमा शेख जैसी महान महिलाओं की वजह से आज देश की करोड़ों करोड़ों महिलाएं पढ़ लिख कर हर जगह मुकाबले में है लेकिन सरकारों की पूंजीवादी पितृसत्तात्मक सोच के कारण महिलाओं दलितों मजदूरों गरीबों किसानों पर जुल्म बढ़ते जा रहे हैं।

उन्होंने चंडीगढ़ में 5 साल की बच्ची की बर्बरता पूर्ण बलात्कार हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की।

कविता विद्रोही ने कहा कि हल्लोमाजरा (चंडीगढ़) में महिला दिवस से दो दिन पहले छह साल की मासूम बच्ची से बलात्कार व हत्या के शर्मनाक व वीभत्स कांड में बलात्कारी-हत्यारों को गिरफ्तार कर सख्त कार्यवाही करना तो दूर, बच्ची को इंसाफ मिलना तो दूर चंडीगढ़ पुलिस ने बलात्कारी और हत्यारों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे नौजवान भारत सभा के कार्यकर्ता वैभव, पी एस यू (ललकार) के सूबा कमेटी के सदस्य अमनदीप और हल्लोमाजरा निवासी गोपाल को गिफ्तार कर झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए हैं।

उन्होंने इस कुकृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए रोष व्यक्त किया कि बलात्कारी खुले घूमे और न्याय की मांग करने वालों को पुलिस जेलों में ठूंसे यह पुलिस प्रशासन का शर्मनाक कदम है जिसका हम पुरजोर विरोध करते है।

उन्होंने कहा कि क्या न्याय की गुहार लगाना भी जुर्म हो गया है? चंडीगढ़ पुलिस का यह कदम बलात्कारियों अपराधियों के होंसले बुलंद करता है। चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन शर्म करो! उन्होंने मांग की कि मासूम बच्ची के बलात्कारी-हत्यारों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्यवाही करो! गिरफ्तार किए कार्यकर्ताओं को तुरंत बिना शर्त रिहा करो।

सभी महिलाओं ने सावित्रीबाई फुले के शहीदी दिवस पर संकल्प लिया कि वे महिलाओ बेटियों की सुरक्षा के लिए सरकार की मनुवादी पितृसत्तात्मक सोच व जन विरोधी नीतियों के खिलाफ संगठित होकर संघर्ष करेंगी।

सभा की अध्यक्षता मंच की जिला सचिव चंद्र रेखा ने की व मंच संचालन कविता विद्रोही ने किया। मंच की प्रांतीय महासचिव सुदेश कुमारी, एसओएसडी की संयोजिका कविता विद्रोही, मंच के जिला सचिव चंद्र रेखा, मंच की साथी कोमल ,मनदीप व छात्राएं प्रतिमा, पूजा ,नेहा आदि ने अपने विचार रखे।

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