नेस्ले कर्मचारी संगठन के स्थापना दिवस पर झंडारोहण, एकता का संकल्प

मज़दूर अधिकारों पर बढ़ते हमलों के खिलाफ संघर्ष का आह्वान

पंतनगर (उत्तराखंड)। नेस्ले कर्मचारी संगठन पंतनगर का आठवां स्थापना दिवस कंपनी गेट पर ध्वजारोहण के साथ हुआ। इस अवसर पर मज़दूर विरोधी चार लेबर कोड के विरोध के साथ मज़दूरों ने अपनी एकता को मजबूत करने और अपने हक के संघर्ष को तेज करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर आयोजित सभा में कंपनी में मौजूद दोनों यूनियनों नेस्ले मज़दूर संघ व नेस्ले कर्मचारी संगठन ने नेस्ले मोर्चा को और मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही मज़दूर विरोधी चार लेबर कोड का विरोध करने का भी एलान किया गया।

मज़दूर सहयोग केंद्र के मुकुल ने कहा कि लंबे संघर्षों से हासिल 44 श्रम कानूनी अधिकारों को मोदी सरकार ने खत्म कर दिया है, जिसे मालिकों के हित में 4 श्रम संहिताओं में बदल दिया है। नौकरी पर तलवार लटक गई है और फिक्सड टर्म का धंधा बढ़ रहा है। यूनियन बनाने व आंदोलन के अधिकारों को संकुचित किया गया है। ऐसे में एक बड़े संघर्ष की जरूरत है।

श्रमिक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश तिवारी ने कहा कि सिडकुल में भी हालत बेहद खराब हैं। ऐसे में मज़दूरों की व्यापक एकता की ज़रूरत पहले से बढ़ गई है। उन्होंने मजदूरों का आह्वान करते हुए कहा कि 23 मार्च को शाहीदे आजम भागात सिंह की शहादत दिवस पर श्रम अधिकारों पर हमले के खिलाफ बड़ी ताकत दिखलाने के लिए मज़दूर आगे आएं।

नेस्ले मज़दूर संघ के उमाकृष्ण फुलेरिया ने कहा कि कंपनी के भीतर दोनों यूनियनों के आपसी तालमेल और एक साथ आगे बढ़ने से ही हमारा समझौता बेहतर हो सका और मज़दूरों के शोषण पर रोक लगी।

नेस्ले कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सोहन लाल ने सबको धन्यवाद देते हुए कहा कि एकता और संघर्ष के दम पर ही हम आगे बढ़े हैं और इस परंपरा को हम कायम रखेंगे।

इस अवसर पर श्रमिक संयुक्त मोर्चा उधम सिंह नगर के कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह, नेस्ले मज़दूर संघ के कैलाश उपाध्याय, नवीन उपाध्याय, नेस्ले कर्मचारी संगठन के पूर्व अध्यक्ष राजदीप बाठला, महामंत्री चंद्र मोहन लखेड़ा, सुरेन्द्र, अरविंद, राकेश रुंडला, सुरजीत, ओमवीर, यतेंद्र, संजय नेगी, महेंद्र राणा आदि यूनियन प्रतिनिधि और नेस्ले के मज़दूर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन ऋषि पाल ने किया।

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