आक्रोश : जेएनएस फैक्ट्री में महिला-पुरुष मज़दूर बैठ गए फैक्ट्री के अंदर

मारुति वेंडर कंपनी में वेतन बृद्धि व स्थाई करने की माँग

मनेसर (गुड़गांव)। 8 मार्च को आईएमटी मानेसर में मारुति की वेंडर जे.एन.एस. इन्स्ट्रुमेन्ट्स फैक्ट्री के महिला और पुरुष मज़दूर फैक्ट्री के अन्दर बैठ गये। मज़दूरों में कम वेतन, अवकाश, स्थाईकरण ना करने आदि को लेकर गुस्सा व्याप्त है। इस बीच परिसर में भारी पुलिस भी पहुँच गई है।

सुबह 6 बजे फैक्ट्री पहुँचे मज़दूरों ने उत्पादन आरम्भ नहीं किया। महिला और पुरुष मज़दूर फैक्ट्री के अन्दर बैठ गये। शिफ्ट-समाप्ति पर बसों में महिला मज़दूर नहीं बैठी। बसों को खाली जाना पड़ा। बी-शिफ्ट के मज़दूर भी ए तथा जनरल शिफ्ट के मज़दूरों के साथ फैक्ट्री में बैठ गये। रात में भी स्त्री-पुरुष फैक्ट्री के अन्दर बैठे थे।

दरअसल आई.एम.टी मानेसर में सैक्टर-3 स्थित जे.एन.एस. इन्स्ट्रुमेन्ट्स फैक्ट्री के मज़दूरों में काफी रोष है। वाहनों के मीटर बनाने वाली इस कंपनी में 2200 मजदूर काम करते हैं, जिनमें ज्यादातर महिला मज़दूर हैं। स्थाई मजदूर भी करीब 45 के हैं, जिनमें आधी लड़कियां हैं। इनका वेतन काफी कम है।

मज़दूरों की माँग वेतन बढ़ाने, साल में जिसकी 240 दिन पूरे हो गये हैं उसे स्थाई करने, छूट्टियां, आदि की है।

कंपनी में अभी तक कोई यूनियन नहीं है। मज़दूरों का कहना है कि छह सात महीने पहले यूनियन बनाने की फ़ाइल लगाई गई थी, तबसे प्रबंधन मज़दूरों को परेशान कर रहा है।

ज्ञात हो कि बीते अगस्त और दीपवाली के मौके पर भी जेएनएस के मज़दूरों और प्रबंधन के बीच तनाव पैदा हुआ था। दीपावली में कंपनी द्वारा दी गई मिठाई में फंफूद लगी थी जिसे मज़दूरों ने कंपनी गेट पर ही फेंक दिया था।

फिलहाल समाचार लिखे जाने तक मज़दूरों का धरना जारी है।

%d bloggers like this: