जम्मू-कश्मीर सरकारी कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

जेएंडके गवर्नमेंट इंप्लाइज ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने लगाया वायदाखिलाफी का आरोप

जम्मू-कश्मीर सरकार पर कर्मचारियों के साथ किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाते हुए सरकारी कर्मचारियों ने एक बार फिर से आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।

उनका कहना है कि अगर सरकार ने जल्द ही अपने वादे अनुसार कर्मचारियों की सभी मांगों को पूरा नहीं किया तो आने वाले दिनों में प्रदेश स्तरीय आंदोलन होगा और कर्मचारी अपनी मांगें पूरी करवाने के लिए हड़ताल का रास्ता भी अपना सकते हैं। अगर ऐसी नौबत आई तो हड़ताल से होने वाले नुकसान के लिए सरकार जिम्मेदार होगी।

जेएंडके गवर्नमेंट इंप्लाइज ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष बाबू हुसैन मलिक ने शनिवार दोपहर एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के विभिन्न सरकारी विभागों में करीब एक लाख डेलीवेजर है जिन्हें स्थायी करने के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा रही।

मलिक ने कहा कि डेलीवेजरों को स्थायी करने समेत अन्य मांगों को लेकर वे पिछले कई सालों से संघर्ष कर रहे है और सरकार के साथ 19 फरवरी 2009, 14 मई 2010 और 15 सितंबर 2011 को हुई बैठकों में तत्कालीन सरकार ने उनकी मांगों को पूरा करने का वादा किया था लेकिन आज तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया।

मलिक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद कर्मचारियों को उम्मीद बंधी थी कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करते हुए डेलीवेजरों को समय पर भुगतान करने के साथ उन्हें स्थायी करने की दिशा में कदम उठाएगी लेकिन दुर्भाग्यवश डेढ़ साल बीतने के बाद भी सरकार की तरफ से इस दिशा में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया।

इससे कर्मचारियों को एक बार फिर आंदोलन का रास्ता चुनने पर विवश होना पड़ रहा है। मलिक ने कहा कि अगर सरकार का यहीं रवैया रहा तो वे बहुत जल्द आंदोलन की रूपरेखा का ऐलान करेंगे।

जागरण से साभार

%d bloggers like this: