किसान आंदोलन : देशभर में सफल रहा रेल रोको अभियान

मेले जैसा माहौल, महिलाएं भी रहीं शामिल, कई जगह गिरफ्तारियाँ

मोदी सरकार के जनविरोधी कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आदोलन के तहत रेल रोको आंदोलन का देशभर में असर रहा। कर्नाटक, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली झारखंड, बिहार, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड में रेलवे प्रभावित रहा।

‘संयुक्त किसान मोर्चा’ के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक ट्रेनों को रोका गया। कार्यक्रम सफल रहे व कोई हिंसक गतिविधि नहीँ हुई। मोर्चा के नेताओं ने कहा कि हर जगह किसानों ने बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल होकर केंद्र सरकार के रवैये का विरोध किया।

रेल रोको के लिए इमेज नतीजे

कई जगहों पर रेलवे ने खुद ही ट्रेनों को रोक दिया। उत्तर रेलवे के फिरोजपुर डिवीजन ने ट्रेनों को स्टेशन पर ही रोकने का फैसला लिया। कई जगह कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबर भी आई।

रेल चक्का जाम के द्वारा किसान विरोधी तीनों काले कानून की वापसी, बिजली बिल 2020 विधेयक की वापसी, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी की मांग की गई।

पंजाब

पंजाब में किसान दिल्ली-लुधियाना-अमृतसर रूट पर कई जगह ट्रेन की पटरियों पर बैठ गए थे। जालंधर में किसानों ने जालंधर कैंट-जम्मू रूट और मोहाली में भी ट्रेन की पटरियां अवरुद्ध कर दी थीं। किसानों का एक समूह अंबाला कैंट स्टेशन से करीब दो किलोमीटर दूर शाहपुर गांव में पटरियों पर बैठे हुए थे।

पटियाला में भी रेल रोको आंदोलन का अच्छा असर दिखा। पटियाला रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी 12 बजे से बैठे हुए हैं। यहां बड़ी संख्या में महिलाएं भी पटरियों पर दिखीं।

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भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्रहान) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां ने बताया कि संगठन के सदस्य पंजाब के नाभा, मनसा, बरनाला, बठिंडा, फिरोजपुर, जालंधर और तरन तारन सहित 22 जगहों पर ट्रेन की पटरियां अवरुद्ध की गईं।

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हरियाणा

हरियाणा में प्रदर्शन करने वालों में महिलाएं भी शामिल रहीं। राज्य के अंबाला, कुरुक्षेत्र, पानीपत, पंचकुला और फतेहाबाद में किसान जगह-जगह पटरियों पर बैठ गए थे। हरियाणा के अंबाला में किसानों ने पटरियों पर बिस्तर ही लगा लिया। यहां बुजुर्ग और बच्चे रेल की पटरियों पर बैठे।

rail roko

सोनीपत और जींद में किसान पटरियों पर बैठ गए हैं। इसमें महिलाएं भी शामिल रहीं। गोहाना में रेल संचालन ठप्प रहा। कुरुक्षेत्र में गीता जयंती एक्सप्रेस ट्रेन को भी रोका गया है। पटरियों पर जमे कई किसान आराम से हुक्का पीते नजर आए। 

भिवानी जिले के बंबला गाँव मे भिवानी-दिल्ली मार्ग पर लोग पटरियों पर बैठे रहे, जिसमे महिलाएं भी शामिल थीं।

रेल रोको हरियाणा के लिए इमेज नतीजे

चरखी दादरी में किसानों के लिए खाने-पीने का प्रबंध किया गया। गांव में लोगों ने उन्हें चाय-पकौड़े दिए। वहीं धरनास्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को भी खिलाया गया। भारतीय किसान यूनियन ने यात्रियों से उनकी परेशानी के लिए माफी मांगी और लोगों को पानी, मट्ठा और फल वगैरह दिया गया.

कर्नाटक

रेल रोको आंदोलन में कर्नाटक के किसान भी शामिल हुए। यशवंतपुर रेलवे स्टेशन पर कई किसान संगठनों के सदस्यों ने नारेबाजी की और कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग की।

rail roko bengaluru

बेंगलुरु के यशवंतपुर स्टेशन, मैसुरू, रायचूर, बेलगावी, विजयपुरा, दावनगेरे, हुबली-धारवाड़, कोप्पल और कोलार में प्रदर्शन हुए। रायचूर, बेलगावी और दावनगेरे में प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया गया।

उत्तरप्रदेश

किसानों के रेल रोको आंदोलन से मुरादाबाद मंडल में रेल संचालन थम गया, जिससे डिब्रूगढ़ राजधानी और जबलपुर-हरिद्वार एक्सप्रेस ट्रेनें रुक गई। ओडिशा के पुरी से हरिद्वार जाने वाली उत्कल एक्सप्रेस को गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर किसानों ने रोका। वहीं किसानों ने मोदीनगर में रेलवे ट्रैक को जाम किया।

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उत्तरप्रदेश के शामली में रेल रोको अभियान के तहत रेलवे ट्रैक पर टेंट लगाकर बैठे किसान। वहीं गढ़ मुक्तेश्वर में तो किसानों ने रेलवे लाइन पर ही मंच सजा लिया। कानपुर, इलाहाबाद में भी रेल रोकी गईं। बुलंद शहर में किसानों ने रोका और यात्रियों पर फूल बरसाए।

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कानपुर में भाकियू की ओर से रेल रोको आंदोलन के तहत प्रशासन ने सुबह से ही धर पकड़ शुरू कर दी थी। रुरा पुलिस ने मंडल अध्यक्ष सहित आठ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, वहीं सरवनखेड़ा ब्लाक अध्यक्ष के भाऊपुर पहुंच कर रेल ट्रैक जाम करने की बात पर उन्हें टांग कर ले जाया गया।

रेल रोको प्रदर्शन के तहत गाजियाबाद में ट्रैक पर बैठे किसान. (फोटो: पीटीआई)

बरेली में जगह-जगह किसान ट्रेन रोकने के लिए जुटे। सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में जमा हुए किसानों ने पुलिस की सख्ती को लेकर हंगामा भी कर दिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ जमकर धक्का-मुक्की हुई।

जम्मू

रेल रोको आंदोलन का जम्मू में भी काफी असर देखने को मिला है. जम्मू में विभिन्न किसान संगठनों ने ट्रेन की पटरियों पर बैठकर केंद्र सरकार से तीनों कृषि बिल रद्द करने की मांग की। 

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किसानों ने जम्मू के चन्नी हिमत इलाके में रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन किया।

राजस्थान

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राजस्थान के जयपुर के गांधीनगर स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोक दी। जगतपुरा स्टेशन पर भी प्रदर्शन किया गया। जयपुर जिले के चौमूं रेलवे स्टेशन पर आंदोलकारी पटरियों पर बैठ गए। उधर अलवर में भी ट्रेनें रोकी गईं। प्रदेश के 6 जिलों में रेल रोको प्रदर्शन का असर देखा गया।

उत्तराखंड

उत्तराखण्ड के उधम सिंह नगर के बाजपुर में कृषि कानूनों के विरोध में बाजपुर रेलवे स्टेशन की पटरियों पर बैठकर किसानो ने रेल का रास्ता बाधित किया। किसानों ने रुद्रपुर-किछा हाइवे पर टोल प्लाजा मुक्त कराया।

रेल रोका आंदोलन

रुड़की में किसानों ने किया रेलवे स्टेशन पर चक्का जाम किया।

बिहार

बिहार के सासाराम, और रोहतास जिले में भी AIKM के बैनर के साथ किसानों ने  रेल रोको आंदोलन को आगे बढ़ाया। राजधानी पटना में जन अधिकार पार्टी के सदस्यों ने रेल पटरियों को जाम कर दिया। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पटरी से हटाने के लिए काफी मशक्कत की।

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बिहार में मैट्रिक की परीक्षा को देखते हुए यह कार्यक्रम 2 से 4 बजे तक लागू किया गया।

पटना जंक्शन के एक नंबर प्लेटफार्म पर रेल को रोका गया। पटना के सचिवालय हाल्ट पर भी कार्यक्रम संपन्न हुआ। बिहटा स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पर विरोध सभा हुई। मसौढ़ी रेलवे स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन हुआ।

सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने आरा रेलवे स्टेशन पर सासाराम-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस के परिचालन को बाधित किया। जीआरपी थाना ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया। बक्सर जिला में ब्लॉक पर किसानों ने धरना देकर विरोध प्रदर्शित किया।

जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर रेलवे का पिरचालन बाधित किया गया। सीतामढ़ी में भी कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शेखपुरा में रेल रोकी गयी, नवादा में रेलवे ट्रैक पर विरोध सभा हुई। मुजफ्फरपुर स्टेशन पर विरोध सभा हुई। वैशाली जिला में हाजीपुर जंक्शन पर रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन हुआ, लालगंज स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन हुआ।

मध्यप्रदेश

ग्वालियर में भी बड़े स्तर पर लोगों ने रेलजाम हिस्सा लिया। इस दौरान पुलिस ने 500 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया। संयुक्त किसान मोर्चा ने बताया कि ग्वालियर में रेल रोको आंदोलन कर रहे ऑल इंडिया किसान और खेतिहर मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।

Kisan Rail Roko Andolan: ग्वालियर के डबरा में रेलवे ट्रैक पर बैठे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने हटाया

डबरा में दिल्ली मुंबई रेलवे ट्रैक पर किसानों ने गुरुवार को पटरी पर जाम लगा दिया। जबलपुर, इंदौर, सतना मे पुलिस से मुठभेड़ की खबरें मिलीं।

उड़ीसा

उड़ीसा के पारलेखामुंडी, कटक, और बहरामपुर में AIKM के बैनर में किसानों रेल रोको आंदोलन में हिस्सा लिया।

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पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल के नादिया में भी कई किसान और राजनीतिक संगठन रेल रोको प्रदर्शन में शामिल हुए।

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झारखंड

रांची में कार्यकर्ताओं ने चार घंटे के रेल रोको प्रदर्शन के दौरान पटरियों को ब्लॉक कर दिया। कार्यकर्ता कृषि कानूनों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पटरियों पर चलते रहे।

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महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के पुणे रेलवे स्टेशन पर ‘रेल रोको’ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कोयना एक्सप्रेस को रोककर उसके सामने नारेबाजी की।

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रेलवे सुरक्षा बल के एक अधिकारी ने बताया कि रेलवे प्लेटफॉर्म पर आने, रेल की पटरी पार करने और नारेबाजी करने के आरोप में तीन कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

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किसानों ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के लासुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही को बाधित किया। ‘जालना-मुंबई जनशताब्दी ट्रेन को स्टेशन पर करीब 30 मिनट तक रोका गया। लासुर रेलवे स्टेशन पर कम से कम 12 लोगों को हिरासत में लिया गया।

अखिल भारतीय किसान सभा ने औरंगाबाद रेलवे स्टेशन के बाहर धरना दिया।

Rail roko andolan

दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशन 5 घंटे बंद रहा

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने रेल रोको प्रदर्शन को देखते हुए बृहस्पतिवार को करीब पांच घंटे तक टिकरी बॉर्डर, पंडित श्रीराम शर्मा, बहादुरगढ़ सिटी और ब्रिगेडियर होशियार सिंह मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारा बंद कर दिए थे।

किसान महापंचायतें भी हुईं

श्रीगंगानगर। रेल रोको आंदोलन के साथ साथ ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ के आह्वान पर राजस्थान के श्रीगंगानगर में किसान महापंचायत हुई जिसमें भारी संख्या में किसानों ने भागीदारी की। महापंचायत को संयुक्त किसान मोर्चा नेता डॉ दर्शन पाल, योगेंद्र यादव समेत कई किसान नेताओं ने संबोधित किया।

महापंचायत में किसान नेताओं ने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी आज भी कृषि क्षेत्र पर आश्रित है। लेकिन मोदी सरकार की कोशिश है कि इनके कुछ पूंजीपति मित्रों को इस बड़े क्षेत्र पर नियंत्रण मिल जाये।

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हरियाणा के खरक पूनिया और बालसमंद में भी बड़ी किसान पंचायतें हुई। इन पंचायतों में किसानों भारी भीड़ उमड़ी। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने इन महापंचायतों को संबोधित किया। 

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