महँगाई बेलगाम, अडानी-अंबानी की पूँजी बेइंतेहा, दोषी पूर्ववर्ती सरकार

आबकी बार… कोरोना से तबाही के बाद महँगाई की विकट मार

देश में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के साथ खाद्य पदार्थों के दाम बेलगाम हैं। देश में पेट्रोल 100 रुपये के पार चली गई तो खाद्य तेल डेढ़ गुना महँगी हुई। इसी दौरान अडानी की पूँजी में 3.07 और अंबानी की पूँजी में 3.03 अरब डालर कि बम्पर बृद्धि हुई है। जनता त्रस्त, पूँजीपति मस्त और पीएम मोदी ने फरमाया- महँगाई के लिए पूर्ववर्ती सरकारें दोषी!

महँगाई की मार चौतरफा

देश की आम जनता की आमदनी लगातार गिरती जा रही है, ऊपर से महँगाई की बम्पर मार ने कमर पूरी तरह से तोड़ दी है। पिछले एक साल से कोरोना से जंग लड़ रहे आम आदमी के लिए अब जीना दूभर हो चुका है

बीते तीन माह के दौरान पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के साथ कई खाद्य पदार्थों के दाम में एकदम उछाल आ गया है। ईंधन की कीमतों में लगातार तेजी के साथ देश में पेट्रोल की कीमत बुधवार को पहली बार 100 रुपये के पार चली गई।

महँगाई के लिए इमेज नतीजे

पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर इतिहास रच रही हैं तो घेरलू रसोई गैस के दाम भी एक पखवाड़े में 75 रुपए बढ़ गए हैं। इसके साथ ही तीन महीनों में खाद्य तेलों के दाम करीब 50 रुपए प्रति लीटर बढ़ गए हैं। दालें व प्याज तक आम जनता की पहुँच से दूर हो गया। चारों तरफ से महँगाई की मार जबरदस्त है।

थोक महंगाई दर पिछले एक साल में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है। फरवरी में थोक महँगाई दर 2.03 फीसदी पर पहुंच गई है, जो फरवरी 2020 के बाद सबसे अधिक है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतें बेलगाम

11वें दिन पेट्रोल-डीजल के दाम में इजाफा हुआ है। शुक्रवार को पेट्रोल 31 पैसे और डीजल 33 पैसे महँगा हुआ है। महंगाई की पिच पर पेट्रोल-डीजल की जोड़ी का शानदार फार्म जारी है। राजस्थान में नाबाद शतक के साथ पेट्रोल जहां तेजी बढ़  रहा है तो वहीं मध्य प्रदेश में भी शतकवीर होने वाला है।

महँगाई पेट्रोल-डीजल-कार्टून के लिए इमेज नतीजे

कोरोना के पहले पेट्रोल 68-69 रुपए प्रति लीटर पिछले एक साल में पेट्रोल में करीब 18 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है।

रसोई गैस पर धोखाधड़ी

मई 2020 में 581 रुपए की कीमत वाला रसोई गैस सिलेंडर रसोई गैस के दाम इस समय प्रति सिलेंडर 822 रुपये पहुंच गए है। सब्सिडी भी 38 रुपये प्रति सिलेंडर कर दी है, कई उपभोक्ताओं के खाते में वह भी नहीं जा रही है। रसोई गैस के दाम इसी माह में दो बार बढ़े हैं।

महँगाई घरेलू गैस कार्टून के लिए इमेज नतीजे

भारी टैक्स से कमाई कंपनियों व सरकार की

पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम दोगुना हो जाता है। अगर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट हटा दें तो डीजल और पेट्रोल का रेट लगभग 27 रुपये लीटर रहता।

भोजन पर महँगाई की मार बम्पर

गत तीन माह के दौरान तमाम खाद्य पदार्थों के दाम में एकदम उछाल आ गया है। खुदरा बाजार में खाद्य तेल (सरसों के तेल, रिफाइंड एवं डालडा घी) के दाम पिछले साल की तुलना में करीब डेढ़ गुना बढ़ गए है।

जो ब्रांडेड सरसों का तेल पिछले साल 95 से 105 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था वह अब 150-160 रुपए प्रति लीटर की दर से अधिक बिक रहा है। इसके साथ ही दालों के दाम भी 20 से 30 फीसद बढ़ोतरी हुई है। प्याज के दाम भी आए दिन बढ़ने लगे हैं।

महँगाई घरेलू गैस कार्टून के लिए इमेज नतीजे

अडानी-अंबानी की बल्ले-बल्ले

कोरोना महामारी जहाँ आम जनता के लिए और तेज बर्बादी का सबब बना, वही मोदी के यारों- अडानी-अंबानी के लिए खुला अवसर बना। दोनों की पूँजी बम्पर उछालें ले रही हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी दुनिया के टॉप अमीरों की सूची में 11वें स्थान पर आ गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनिरेस इंडेक्स के मुताबिक उनकी नेटवर्थ 79.7 अरब डॉलर हो गई है। इस साल उनकी नेटवर्थ में 3.03 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है।

अदानी-अंबानी-मोदी कार्टून के लिए इमेज नतीजे

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी 29वें स्थान पर हैं। उन्होंने इस सूची में 6 स्थान की छलांग लगाई है। उनकी नेटवर्थ 42.9 अरब डॉलर है। इस साल उनकी नेटवर्थ में 3.07 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। यानी इस साल अब तक अडानी ने मुकेश अंबानी से ज्यादा दौलत कमाई है।

पीएम बोले दोषी पूर्ववर्ती सरकार

इधर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मध्यम वर्ग को ऐसी कठिनाई नहीं होती यदि पूर्ववर्ती सरकारों ने ऊर्जा आयात की निर्भरता पर ध्यान दिया होता।

महँगाई कार्टून के लिए इमेज नतीजे

तमिलनाडु में प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के रामनाथपुरम-थूथूकुडी खंड का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में पीएम ने कहा, ‘‘क्या हमें आयात पर इतना निर्भर होना चाहिए? मैं किसी की आलोचना नहीं करना चाहता लेकिन यह जरूर कहना चाहता हूं कि यदि हमने इस विषय पर ध्यान दिया होता तो हमारे मध्यम वर्ग को बोझ नहीं उठाना पड़ता.”

याद कीजिए, मोदी और उनकी जमात ने 2014 से पहले क्या कहा था- आबकी बार, बहुत हो चुकी महँगाई की मार…

मोदी हैं तो सब मुमकिन है!

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