बैंकों के निजीकरण का विरोध तेज, 14-15 मार्च को हड़ताल

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की ओर से दो दिनी हड़ताल

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन देहरादून मंडल की बैठक में बैंकों के निजीकरण का विरोध किया है। पदाधिकारियों ने कहा कि इससे आम जनता की सुविधाओं पर असर पड़ेगा।

रानीपुर मोड़ के पास स्थित एक होटल आहूत बैठक में हरिद्वार जिले के अलावा देहरादून, ऋषिकेश के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगठन के उप महासचिव समदर्शी बड़थ्वाल ने बैंकों के निजीकरण कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि निजीकरण से आम जनता की सुविधाओं पर भारी असर पड़ेगा। इस कानून से देश के अंदर बेरोजगारी भी बढ़ेगी। नई भर्तियों पर तो एक तरह से रोक लग गई है। चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भर्ती तो पिछले 33 वर्षों से बंद पड़ी है।

इस बारे में बैंक यूनियन के शीर्ष संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की ओर से मार्च में दो दिनी हड़ताल का आह्वान किया गया है। वक्ताओं ने यूनियन की ओर से विपरीत परिस्थितियों में भी वेतन समझौते की प्राप्तियों पर खुशी जाहिर की। बैठक को कमल तोमर, प्रवीण जॉली, विशाल गुप्ता, हिमांशु पंवार, जितेंद्र कुमार, संजय गुप्ता, आनंद रावत, गौरव पुंडीर, अनिल शर्मा, रीना कटियार, मीनू सैनी, नेहा भारद्वाज, आशा रावत, संजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।

अमर उजाला से साभार

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