एमपी : कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग के नाम पर 97 किसानों से धोखाधड़ी

कंपनी किसानों के रुपए लेकर हुई चंपत, होगी जाँच

मध्य प्रदेश में कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग के नाम पर 97 किसानों से धोखाधड़ी हुई है। आरोप है किसानों ने एक कंपनी के साथ पौधे लगाने का कॉन्ट्रैक्ट किया था। किसानों ने कंपनी को पैसे भी दिए थे, मगर कंपनी पैसे लेकर चंपत हो गई। बैतूल में अन्नदाताओं संग हुई धोखाधड़ी पर एग्रीकल्चर डिप्टी डायरेक्टर केपी भगत ने कहा- लगभग 97 किसानों का इंदौर की एक कंपनी के साथ पौधे लगाने का कॉन्ट्रैक्ट हुआ था। किसानों ने पैसे कंपनी को दिए थे। कुछ किसानों को कंपनी ने पौधे दिए हैं। मामले की जांच जारी है। राज्य के कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा- हमारी जानकारी में ऐसा कुछ नहीं आया। अगर ऐसा है तो कार्रवाई की जाएगी। कंपनी की संपत्ति कुर्क करके किसानों को भुगतान किया जाएगा।

किसानों का कहना है कि उन्होंने बागवानी विभाग की सिफारिश पर एक कंपनी के साथ साल 2018 में सहजन की खेती के संबंध में कॉन्ट्रैक्ट किया था। इसमें किसानों को प्रति एकड़ पर बीस हजार रुपए का भुगतान करना था। इस काम के लिए कंपनी को एडवांस में चालीस हजार हुए भुगतान किए। इसपर कंपनी ने पौधे, उपज और तकनीकी जानकारी पर आश्वासन दिया। मगर किसानों कौ पौधे नहीं मिले। ठगी का शिकार होने पर अन्नदाताओं ने दिसंबर, 2019 में जिला कलेक्टर को इस संबंध में शिकायत दी। बताया गया कि बाद में भी कई शिकायतें दी गईं मगर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते मंगलवार को दावा किया था कि प्रदेश में भू माफियाओं द्वारा कब्जा की गई दस हजार करोड़ रुपए कीमत की लगभग 2,000 हेक्टेयर भूमि को प्रदेश सरकार द्वारा मुक्त कराया गया है। आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक चौहान ने कहा कि प्रदेश में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। जिन कंपनियों ने लोगों को ठगा ऐसी फर्मों को निवेशकों की जमा राशि लौटाने के लिए मजबूर किया गया।

उन्होंने कैबिनेट की बैठक से पहले मंत्रियों से कहा कि माफियाओं के खिलाफ एक अभियान के दौरान लगभग दस हजार करोड़ रुपए कीमत की दो हजार हेक्टेयर भूमि को 1,271 लोगों के अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में माफिया के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि चिटफंड कंपनियों द्वारा धोखाधड़ी के जरिए लोगों से हड़पे गए 800 करोड़ रुपए लगभग 50,000 जमाकर्ताओं को वापस कराए गए।

जनसत्ता से साभार

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