निजीकरण के विरोध में रेलवे के कुली आक्रोशित

कहा कुली प्रथा का भी निजीकरण, भुखमरी की स्थिति

प्रयागराज जंक्शन पर गुरुवार को दर्जनों कुलियों ने रेलवे में हो रहे निजीकरण के विरोध को लेकर बैठक की। कुलियों ने अपनी आवाज उठाने के लिए हाईकार्ट के अधिवक्ताओं से मदद भी मांगी। कहा कि बीते कई महीनों से हम भूखमरी की कगार पर आ गए हैं। अब कुली प्रथा में भी रेलवे निजीकरण ला रहा है। ऐसे में हमारा परिवार भूखा मर जाएगा। कुलियों की आवाज उठाने के लिए जय जवान जय किसान मंच आगे आया और कुलियों के लिए आन्दोलन करने की चेतावनी दी।

बैठक में निर्णय लिया गया कि कुलियों की समस्याओं को देखते हुए रेलमंत्री और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को ज्ञापन दिया जाएगा। मंच के संयोजक सुशील जयहिन्द ने कहा कि अगर रेलवे ठेकेदारी प्रथा खत्म नहीं कर है तो सड़क पर आन्दोलन होगा। जंक्शन पर दो शिफ्ट में 260 कुली काम करते हैं। बैठक में राजकुमार भारतीय, महेन्द्र निषाद, करन निषाद, अनिल गौड़, झब्बू ला, ओम प्रकाश, हरिशंकर समेत अधिवक्ता धनंजय कुशवाहा, ज्योति जैसवार, विवेक, रितेश व शामिल रहे।

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