निजीकरण के विरोध में देशभर के बिजली कर्मी रहे एक दिवसीय हड़ताल पर

बिजली संशोधन बिल 2020 को रद्द कराने की माँग हुई बुलंद

केंद्र सरकार के बिजली के निजीकरण के फरमान बिजली संशोधन बिल 2020 व स्टैंडर्ड बिडिग डाक्यूमेंट के खिलाफ बुधवार को देशभर के बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों, अभियंताओं ने एक दिन की हड़ताल कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान स्थानीय अधिकारियों के मार्फत ज्ञापन भेजकर इन्हें रद्द कराने की माँग हुई।

केंद्र सरकार की निजीकरण नीति के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने देश के अलग-अलग स्थानों पर धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने निजीकरण की प्रक्रिया को निरस्त करने के लिए अल्टीमेटम दिया और कहा कि अगर माँग पूरी नहीं हुई तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

बिजली के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मोदी सरकार निजीकरण के बहाने पूरे देश की संपत्तियाँ बेच रही है। बिजली का निजीकरण उसी दिशा में कदम है। यह कारांचारी विरोधी होने के साथ किसान व जन विरोधी भी है। बिजली को निजी हाथों में सौंपा गया तो उसके रेट बढ़ जाएंगे जिससे आम जनता और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

मध्यप्रदेश

ऑल इंडिया पावर एंपलाइज एंड इंजीनियर की अपील पर यूनाइटेड फोरम के बैनर तले प्रदेश के सभी जिलों व विदूत केंद्रों पर मध्य प्रदेश यूनाइटेड फोरम के बैनर तले बिजली अधिकारी, कर्मचारियों ने बिजली वितरण में निजी क्षेत्रों को प्रवेश को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर कार्य बहिष्कार आंदोलन किया।

रतलाम : बिजली कंपनी के निजीकरण के खिलाफ बुलंद की आवाज

इस दौरान बिजली विभाग के इंजीनियर, अधिकारी, कर्मचारियों ने धरना दिया। बिजली कार्यालयों के बाहर धरना प्रदर्शन हुआ। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। बिजली ही नहीं बिजली उद्योग बचाओं का नारा दिया गया। 

उत्तरप्रदेश

लखनऊ। केंद्र सरकार की निजीकरण की नीतियों के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर उत्तर प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों के कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं ने सांकेतिक कार्य बहिष्कार किया और प्रदेश भर में जोरदार विरोध प्रदर्शन हुए।

प्रदर्शन करते कर्मचारी।

अनपरा, ओबरा, पारीछा, हरदुआगंज, वाराणसी, मेरठ, आगरा, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, आज़मगढ़, बस्ती, अयोध्या, गोण्डा, बरेली, सहारनपुर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, झाँसी, बाँदा में जोरदार विरोध प्रदर्शन हुए। राजधानी लखनऊ में शक्ति भवन पर विरोध सभा हुई।

उत्तरखंड

डाकपत्थर में मांगों को लेकर संयुक्त मोर्चे का कार्य बहिष्कार

देहरादून। नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंजीनियर्स एंड इम्लाइज के देशव्यापी आहवान पर बुधवार को उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक कार्य बहिष्कार कर विद्युत भवन पर धरना दिया। मोर्चा ने राज्य के तीनों विद्युत निगमों के प्रबंध निदेशकों को ज्ञापन भी प्रेषित किया।

हरियाणा

बिजली का निजीकरण करने के विरोध में हड़ताल कर किया प्रदर्शन

हरियाणा पावर इंजीनियरिग एसोसिएशन ने सरकार की निजीकरण की नीति के विरोध में हड़ताल कर विरोध प्रदर्शन किया। राज्य के बिजली निगम कार्यालयों में बुधवार को आल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन ने धरना देकर बिजली बिल 2020 रद्द करने व निगम के निजीकरण पर रोक लगाने की माँग की।

जम्मू-कश्मीर

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में बिजली वितरण प्रणाली का निजीकरण करने के लिए लाए गए इलेक्ट्रीसिटी बिल 2021 के विरोध में बुधवार को पावर सेक्टर के अधिकारी व कर्मचारी एक साथ सड़कों पर उतर आए। जेएंडके पावर इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स कोआर्डिनेशन कमेटी के बैनर तले इन अधिकारियों व कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया।

पावर सेक्टर के कर्मचारियों के कई अन्य मसलों को भी हल करने की मांग को लेकर नारेबाजी की।

कश्मीर में श्रीनगर के बेमीना स्थित पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के बाहर तो जम्मू में इन्होंने भगवती नगर स्थित पीडीडी काम्पलेक्स में सरकार विरोधी प्रदर्शन किया। 

हिमांचल

नूरपुर बाजार में एक रैली निकाल कर केंद्र सरकार द्वारा बिजली बोर्ड के निजीकरण का जोरदार विरोध किया।

हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रि‍सिटी बोर्ड एंप्‍लायज यूनियन के आहवन पर निजीकरण के खिलाफ पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन हुआ और ज्ञापन भेजे गए। 

चंडीगढ़

चंडीगढ़ प्रशासन ने हड़ताल पर जाने वाले बिजली कर्मचारियों पर नो वर्क नो पे लगाने और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी थी। बावजूद इसके सेक्टर 17 स्थित बिजली विभाग के सामने हजारों कर्मचारी हड़ताल पर बैठे। उन्होंने इस दौरान केंद्र सरकार व चंडीगढ़ प्रशासन के विरोध में नारे लगाए।

पंजाब

बिजली एक्ट 2020 की प्रतियां जलाकर केंद्र के खिलाफ किया प्रदर्शन

टेक्निकल सर्विसिज यूनियन सब डिवीजन आनंदपुर साहिब ने लेबर कानून और बिजली एक्ट 2020 की प्रतियां जलाकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पीएसइबी एंप्लाइज फेडरेशन इंटक ने डिवीजन आनंदपुर साहिब के कार्यालय में विद्युत कर्मचारी और इंजीनियरों की संयुक्त कमेटी की बैठक के बाद अर्थी फूंक प्रदर्शन किया।

छत्तीसगढ़

संसद में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 पारित करने के विरोध में विद्युत कंपनी के अभियंताओं व कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपा।

बिजली निजीकरण के विरोध में बुधवार को देशभर के लिए इमेज नतीजे

प्रमुख माँगें

इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2020 तत्काल वापस ले, ग्रेटर नोएडा का विद्युत वितरण का निजीकरण एवं आगरा शहर का फ्रेंचाइजीकरण निरस्त किया जायें, सभी बिजली कंपनियों का एकीकारण् किया जाये, नियमित पदों पर नियमित भर्ती की जायें, बिजली कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन प्रणाली लागू की जायें, ऊर्जा निगमों पर खाली पद भरें जायें, सभी संवर्गो के वेतन की विसंगतियां दूर की जायें, जूनियर इंजीनियर एवं अभियंताओं से आपात स्थिति के अलावा कार्य दिवसों के अतिरिक्त अवकाश के दिनों में कार्य न लिया जायें आदि।

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