किसानों के समर्थन में पुलिस दमन के बीच दिल्ली में नागरिक प्रदर्शन

विभिन्न संगठनों की एकजुट आवाज हुई बुलंद

दिल्ली। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आज (3 फरवरी को) संघर्षरत किसानों के समर्थन में और प्रदर्शनकारियों, कार्यकर्ताओं व पत्रकारों पर राजकीय दमन के विरुद्ध मंडी हाउस पर नागरिक प्रदर्शन किया। पुलिस ने जबरदस्त घेरेबंदी कर घोषित नागरिक मार्च नहीं निकालने देने पर संगठनों ने आक्रोश जताया।

विभिन्न जनवादी संगठनों द्वारा योजना मंडी हाउस से जंतर-मंत्र तक नागरिक मार्च निकालने की थी, लेकिन जैसे ही लोगों ने बैरिकेड के आगे जाने की कोशिश की, पुलिस ने आक्रामक रूप से भीड़ को पीछे धकेला। इसके बाद भारी पुलिस तैनाती और (वाटर कैनन सहित) घेराव के बीच ही एक जोशीला प्रदर्शन संपन्न हुआ।

इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार काले क़ानूनों को रद्द कराने की जगह दमन का सहारा ले रही है। सरकार किसान आंदोलन पर दमन बढ़ते हुए आंदोलनकारियों, समर्थकों व पत्रकारों की गिरफ्तारियाँ कर रही है। दिल्ली की सरहदों को जाम कर दिया है। सरहद की सड़कों पर खड्डे, कंटीले तारों की बाड़ और नुकीले सरिये गाड़ कर किलेबंदी कर चुकी है।

ढाई माह से संघर्षरत किसानों को चारों तरफ से सरकार घेरकर प्रदर्शन स्थलों को बंदीगृह में तब्दील कर रही है। उसने फोन व इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है। लेकिन किसानों के हौसले बुलंद हैं।

संगठनों के प्रतिनिधियों ने मोदी सरकार की घिनौनी नीतियों पर प्रहार किया और कहा कि राजकीय दमन के खिलाफ प्रतिरोध जारी रहेगा।

प्रदर्शन में Aicctu, Aipwa, Aisa, Aisf, अनहद, Cyss, Dsf, Dsu, Dyfi, Jnsu, Jsm, Kys, Msf, Nfiw, Nsui, Rya, संगवारी, Sfi, जलेस, जसम, प्रतिरोध का सिनेमा, IFTU सर्वहारा, IFTU, कलेक्टिव, मज़दूर पत्रिका, AIFTU (New), TUCI, इंक़लाबी मजदूर संगठन, BSCEM आदि शामिल रहे।

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