इंटरनेट के साथ अब 250 ट्विटर भी बंद, दमन के बीच आंदोलन तेज

आंदोलन के खिलाफ हर हथकंडे आजमा रही है मोदी सरकार

मोदी सरकार किसान आंदोलन को तोड़ने, बदनाम करने, अराजकता, दंगा आदि तमाम हथकंडों के असफल होने के बाद अब सीधे दमन पर उतार आई है। ट्विटर ने करीब 250 अकाउंट पर रोक लगा दी। सिंघू, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर पर इंटरनेट बंद हैं। समर्थकों की गिरफ्तारियाँ हो रही हैं। सौ से अधिक लोग लापता हैं।

इस बीच सिंघु, गाजीपुर, टिकरी बॉर्डर और उसके आसपास 26 जनवरी को या उसके बाद अवैध रूप से हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। उधर संयुक्त किसान मोर्चा ने लापता लोगों की जानकारी इकट्ठा करने व औपचारिक कार्रवाई के लिए रविवार को छह सदस्यीय समिति का गठन किया है।

250 ट्विटर अकाउंट पर रोक

ट्विटर (Twitter) ने सोमवार को किसान आंदोलन और उसके समर्थकों के करीब 250 अकाउंट पर रोक लगा दी। यह रोक गृह मंत्रालय और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सुझाव पर लागि है। ऐसा कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़ने देने के नाम पर किया गया है।

इन सभी ट्विटर अकाउंट पर सभी कुछ ब्लॉक है और अकाउंट विदहेल्ड यानी रोका गया लिखा है। ट्विटर पर इन अकाउंट को खोलने पर जो मैसेज दिख रहा है, उसमें बताया गया है कि कानूनी माँग के बाद यह अकाउंट बंद किया गया था।

जिन अकाउंट को बंद किया गया है, उनमें माकपा के पूर्व राज्य सभा संसद मोहम्‍मद सलीम, अभिनेता सुशांत सिंह, आम आदमी पार्टी से जुड़ीं आरती, राजनीतिक कार्यकर्ता हंसराज मीणा, संजुक्ता बासु, मोहम्मद आसिफ खान के अलावा किसान एकता मोर्चा, भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहां), माणिक गोयल, ट्रेक्टर 2 वाइट और जट_जंक्शन आदि शामिल हैं।

बंद होने की लिस्ट में आंदोलन पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर रहे द कारवां इंडिया मैगजीन का नाम भी शामिल है। दिल्ली पुलिस ने इनके एडीटर के खिलाफ फर्जी और भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।

इस सूची में प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर अकाउंट भी शामिल है। माना जा रहा है कि कांग्रेस नेता शशि थरूर की जगह शशि शेखर का बंद हो गया।

100 से अधिक लापता, मोर्चा ने गठित की कमेटी

किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बयान में कहा है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर किसान ट्रैक्टर रैली के बाद से सौ से अधिक लोग लापता हैं।

मोर्चा ने रविवार को छह सदस्यीय इस समिति का गठन किया है, जो लापता लोगों की जानकारी इकट्ठा करेगा और मामले को औपचारिक कार्रवाई के लिए अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।

यह समिति गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद लापता, दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए और जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हैं, उनकी जानकारी जुटाएगी। मोर्चा ने 163 लोगों की पहचान की है, जो या तो जेल में है या फिर पुलिस हिरासत में हैं।

इस समिति में किसान नेता राजिंद्र सिंह, प्रेम सिंह भांगू, किरनजीत सिंह शेखां, बलजीत सिंह और अवतार सिंह हैं। समिति आंदोलन के कानूनी पहलुओं का अध्ययन करेगी और गिरफ्तार किए गए लोगों की कानूनी सहायता के लिए वकीलों से संपर्क करेगी।

लापता लोगों के बारे में कोई भी जानकारी 8198022033 नंबर पर साझा की जा सकती है।

तीनों बार्डरों पर इंटरनेट बंदी अवधि बढ़ी

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने किसानों के प्रदर्शन स्थल सिंघू, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर पर इंटरनेट सेवाओं के निलंबन की अवधि मंगलवार रात तक के लिए बढ़ा दी है। इन स्थानों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी।

यह व्यवस्था 31 जनवरी को रात 11 बजे से आरंभ हुई और दो फरवरी को रात 11 बजे तक जारी रहेगी। पहले, इन तीनों सीमाओं के आसपास के इलाकों में इंटरनेट सेवाओं को 29 जनवरी रात 11 बजे से लेकर 31 जनवरी रात 11 बजे तक के लिए निलंबित किया गया था, जिसे सरकार ने बढ़ा दिया है।

इन सारे हथकंडों के बावजूद किसान आंदोलन लगातार आगे बढ़ रहा है और देश के तमाम हिस्सों में यह फैल रहा है।

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