भयावह : पेपर मिल में टैंक ब्लास्ट, दो मज़दूरों के चिथड़े उड़े

नैनी पेपर मिल का एचसीएल टैंक फटने से हुआ हादसा

काशीपुर (उत्तराखंड)। काशीपुर के मुरादाबाद रोड स्थित नैनी पेपर मिल के एचसीएल टैंक ब्लास्ट में दो मज़दूरों की दर्दनाक मौत हो गई। शनिवार देर रात हुआ हादसा इतना भयानक था कि मज़दूरों के चिथड़े दूर-दूर तक उड़ गए। हर जगह खून ही खून बिखरा था। हादसे के बाद फैक्ट्री में भगदड़ मच गई।

मरने वाले युवकों की पहचान 27 वर्षीय प्रताप सिंह और 27 वर्षीय राहुल के रूप में हुई। प्रताप सिंह यूपी के मेरठ का रहने वाला था। जबकि राहुल का परिवार मुरादाबाद में रहता है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

उधम सिंह नगर के काशीपुर में मुरादाबाद रोड पर नैनी पेपर मिल है। जिसमें सैकड़ों की तादाद में मज़दूर काम करते हैं। शनिवार की रात करीब तीन बजे फैक्ट्री के एचसीएल टैंक में लीकेज होने लगा। टैंक को चेक करने के लिए मज़दूरों को बुलाया गया।

दोनों दोनों मज़दूर टैंक ठीक करने के लिए उस पर चढ़े ही थे कि तभी उसमें ब्लास्ट हो गया। दोनों के चीथड़े उड़ गए। जिस टैंक पर मज़दूर काम के लिए भेजे गए थे उसमें गैस का दबाव काफी अधिक होता है। उनके पास सुरक्षा के पर्याप्त उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराया गया था।

लाडलों की मौत की खबर जैसे ही उनके घर पहुंची वहां कोहराम मच गया। फैक्ट्री के दूसरे मज़दूर भयभीत व आक्रोशित हैं। फैक्ट्री का मालिक पवन कुमार अग्रवाल है। फिलहाल पुलिस फैक्ट्री के कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।

दरअसल, इन कारखानों में कार्य की परिस्थितियाँ ही ऐसी हैं और सुरक्षा के कोई उचित प्रावधान नहीं हैं, जिससे आए दिन होने वे हादसों में मज़दूरों के अंग-भंग होने से लेकर जान जाना आज आम बात हो चुकी है। पुलिसिया पूछ-ताछ और कथित जाँचों के बाद मामला ठंडे बस्ते में चल जाता है और मज़दूर जान जोखिम में डालकर खटने को मजबूर बने रहते हैं।

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