परेड शांतिपूर्ण था, असामाजिक तत्वों ने की घुसपैठ -किसान मोर्चा

किसान परेड के दौरान पुलिस ने किया लाठी चार्ज

संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान ट्रैक्टर परेड के दौरान घटी घटनाओं की निंदा की और कहा कि कुछ ‘असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ कर ली है अन्यथा आंदोलन शांतिपूर्ण था।’ उधर परेड में पुलिस दमन की भी चौतरफा निंदा हो रही है। इस दौरान एक गुट ने लालकिले पर झण्डा फहरा दिया।

संयुक्त किसान मोर्चा का बयान ऐसे समय में आया है जब शांतिपूर्ण किसान गणतंत्र परेड के दौरान राष्ट्रीय राजधानी के कई स्थानों पर किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई हैं। उत्तर प्रदेश के डिबडिबा (रामपुर) के एक किसान की दिल्ली के आईटीओ पर मौत हो गई। पुलिस ने दिल्ली शहर के कई स्थानों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे।

हाथों में डंडे, तिरंगा व किसान संघ के झंडे थामें हजारों किसानों ने ट्रैक्टरों पर सवार होकर बैरिकेड तोड़ दिए और कई स्थान पर पुलिस के साथ संघर्ष किया तथा लाल किले को घेर लिया एवं झंडे फहराने वाले खंभे पर चढ़कर किसानों का भी झण्डा फहरा दिया।

संयुक्त किसान मोर्चा का बयान

संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बयान में कहा, ‘आज के किसान गणतंत्र दिवस परेड में अभूतपूर्व भागीदारी के लिए हम किसानों को धन्यवाद देते हैं। हम अवांछनीय और अस्वीकार्य घटनाओं की निंदा करते और खेद भी जताते हैं जो आज हुई हैं और ऐसे कृत्यों में शामिल लोगों से खुद को अलग करते हैं।‘

संयुक्त किसान मोर्चा में किसानों के 41 संघ हैं। वह दिल्ली की कई सीमाओं पर केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन की अगुवाई कर रहा है।

मोर्चा के बयान में कहा गया है, ‘हमारे सभी प्रयासों के बावजूद, कुछ संगठनों और व्यक्तियों ने मार्ग का उल्लंघन किया और निंदनीय कृत्यों में शामिल हुए। असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ की है, अन्यथा आंदोलन शांतिपूर्ण था। हमने हमेशा यह माना है कि शांति हमारी सबसे बड़ी ताकत है और किसी भी तरह का उल्लंघन आंदोलन को नुकसान पहुंचाएगा।’

(फोटो: पीटीआई)

बयान में कहा गया है, ‘हम अपने आप को ऐसे सभी तत्वों से अलग करते हैं जिन्होंने हमारा अनुशासन तोड़ा है। हम परेड के मार्ग और नियमों पर चलने के लिए और किसी भी हिंसक कृत्य या ऐसी किसी भी चीज़ में लिप्त नहीं होने की सभी से दृढ़ता से अपील करते हैं जो राष्ट्रीय प्रतीकों और गरिमा को प्रभावित करती है। हम सभी से अपील करते हैं कि वे ऐसे किसी भी कृत्य से दूर रहें।’

बयान में कहा गया है, ‘हम आज तय की गई कई परेडों के संबंध में सभी घटनाओं की पूरी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं और जल्द ही पूरा बयान साझा करेंगे। हमारी सूचना के मुताबिक, कुछ खेदजनक उल्लंघनों के अलावा परेड योजना के अनुसार शांतिपूर्ण निकाली जा रही है।’

पुलिस ने किसानों पर लाठी चार्ज किया, आंसूगैस के गोले छोड़े

इस बीच किसानों द्वारा प्रदर्शन के लिए दिल्ली में प्रवेश करने के लिए निर्धारित मार्ग से अलग रास्ते पर जाने पर पुलिस ने पश्चिम दिल्ली के नांगलोई चौक पर प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इससे पूर्व गाजीपुर बार्डर से दिल्ली अक्षरधाम पर भी पुलिस ने लठियाँ बरसाईं। दर्जनों स्थानों पर किसानों के साथ पुलिस से झड़प की खबर है।

ट्रैक्टर परेड निकाल रहे किसानों का पुलिस से टकराव, आंसू गैस के गोले दागे और हुआ लाठीचार्ज

किसानों पर आंसू गैस छोड़ना और लाठीचार्ज करना निंदनीय

उधर, तमाम संगठनों ने किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान कुछ जगहों पर पुलिस एवं किसानों के बीच झड़प होने के बाद केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़ना और लाठीचार्ज करना अस्वीकार्य है। दिल्ली पुलिस और संयुक्त किसान मोर्चा के बीच सहमति के बाद यह क्यों हुआ? सरकार टकराव को क्यों हवा दे रही है? सरकार को शांतिपूर्ण ट्रैक्टर परेड की अनुमति देनी चाहिए।

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दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवा निलंबित

इस बीच सरकार ने दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवा 12 घंटे के लिए बंद करने का आदेश जारी किया। हरियाणा की खट्टर सरकार ने भी दिल्ली की सीमाओं से लगे हरियाणा जिलों में भी इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं।

दूरसंचार विभाग के मुताबिक संचार सेवा प्रदाताओं को भेजे गये एक सरकारी आदेश में गणतंत्र दिवस के दिन सिंघु, गाजीपुर, टीकरी, मुकरबा चौक और नांगलोई तथा उनसे लगे दिल्ली के इलाकों में दोपहर 12 बजे से रात 11 बज कर 59 मिनट तक इंटरनेट सेवा अस्थायी तौर पर स्थगित रखने का निर्देश दिया गया है।

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