लाल किले पर झंडा फहराने वाला दीप सिद्धू भाजपा सांसद सनी देवल का खास

संयुक्त किसान मोर्चा के मंच को भी कब्जाया था

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 26 जनवरी को किसानों द्वारा तीन कृषि कानूनों के विरोध में निकाली गई ट्रैक्टर परेड ने हिंसक रूप ले लिया। जिसके बाद शांति स्थापित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केन्द्र सरकार ने दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी है। कई किसान नेताओं का कहना है कि तय रूट से हटकर प्रदर्शन करने का आह्वान कुछ असामाजिक तत्वों ने आधी रात को किया था। इन लोगों ने सोमवार रात को सिंघू सीमा पर संयुक्ता किसान मोर्चा (SKM) के मंच पर कब्जा कर लिया था।

नेताओं के मुताबिक लगभग छह घंटे शाम 6 बजे से आधी रात तक, कुछ युवाओं ने सिंघू बार्डर के मंच को कब्जे में ले लिया और एसकेएम नेताओं और दिल्ली पुलिस द्वारा तय रूट का विरोध करने लगे। उनका यह विरोध प्रदर्शन कुछ पंजाबी वेब चैनलों के अलावा कुछ सोशल मीडिया अकाउंट में भी लाइव वेबकास्ट हुआ है। शुरुआत में कुछ अज्ञात चेहरे स्टेज से यह मांग कर रहे थे कि एसकेएम नेता मंच पर आए और ट्रैक्टर परेड के लिए तय किए गए मार्ग के बारे में उनके सवालों का जवाब दें।

लेकिन कुछ देर बाद वहां कुछ चर्चित चेहरे आ गए और यह मांग करने लगे। इनमें 40 वर्षीय लखबीर सिंह सिधाना उर्फ ​​लाखा सिधाना और गैंगस्टर से नेता बने और मालवा यूथ फेडरेशन के अध्यक्ष और पंजाबी फिल्म अभिनेता दीप संधू शामिल थे। दीप संधू ने ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सनी देओल के लिए प्रचार किया था और भीड़ को संबोधित भी किया था।

दीप सिद्धू ने अपने भाषण में कहा “हमारे नेता दबाव में है। हमें उन पर और अधिक दबाव नहीं डालना चाहिए। लेकिन हम उन्हें ऐसा निर्णय लेने के लिए कह सकते हैं जो सभी को स्वीकार्य हो। उन्हें मंच पर आना चाहिए। यदि वे नहीं आते हैं, तो हम खुद निर्णय ले लेंगे। आप सभी को यह तय करना चाहिए कि इस मामले में फैसला किसे लेना चाहिए।”

लखबीर सिंह सिधाना ने लोगों से कहा “हजारों युवा रिंग रोड जाना चाहते हैं। किसान मजदूर संघर्ष समिति ने रिंग रोड जाने का पहले ही फैसला कर लिया है। वे हमसे पहले विरोध कर रहे हैं, तो हमारे ट्रैक्टर उनके पीछे होंगे। इसलिए अगर कोई रिंग रोड पर जाना चाहता है, तो वे किसान मजदूर संघर्ष समिति को फॉलो कर सकता है। फिर मुद्दा क्या है? आपको शांत होना चाहिए।”

मंगलवार को ट्रैक्टर परेड के दौरान सिद्धू लाल किले में थे, लेकिन सिधाना कहा थे इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। लाल किले की घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में, सिद्धू ने हिंदी में कहा था कि यह आंदोलन का परिणाम है जो कई महीनों से चल रहा है। इसके लिए कोई एक व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि निशन साहिब और किसान यूनियन के झंडे “भावनाओं के प्रवाह” में फहराए गए हैं।

जनसत्ता से साभार

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