निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियों का प्रदेशव्यापी आंदोलन का एलान

मध्यप्रदेश : बिजली यूनियनों के संयुक्त मोर्चा की घोषणा

मूंदी । बिजली कंपनी के निजीकरण को रोकने के लिए प्रदेश के 14 बिजली संगठनों के संयुक्त मोर्चे की कोर कमेटी की बैठक रविवार को ग्वालियर में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता मप्र बिजली कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री किशोरीलाल रैकवार ने की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपभोक्ताओं व किसानों को भी निजीकरण के नुकसान के प्रति जागरूक कर आंदोलन में साथ लिया जाएगा। संत सिंगाजी ताप परियोजना के अधिकारी और कर्मचारी भी इस आंदोलन में शामिल होंगे।

सिंगाजी परियोजना में बीएमएस के प्रचार सचिव धर्मेंद्र सिंह मेवाड़ा ने बताया कि ग्वालियर में हुई बैठक में मप्र के 14 बिजली कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी सम्मिलित रहे। संयुक्त मोर्चा द्वारा मुख्यमंत्री को निजीकरण रोकने के लिए तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मंच के माध्यम से दिया जा चुका है। इसमे बिजली का निजीकरण रोकने, संविदाकर्मियों का नियमितीकरण, आउटसोर्स श्रमिकों का कंपनी में संविलियन कर ठेका प्रथा समाप्त करना शामिल है।

संयुक्त मोर्चा द्वारा निर्णय लिया गया कि पांच फरवरी को जबलपुर मुख्यालय पर विशाल आमसभा कर उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच जनजागृति अभियान चलाया जाएगा। इसी क्रम में 15 फरवरी को पश्चिम क्षेत्र कंपनी मुख्यालय इंदौर में आमसभा आयोजित की जाएगी तथा पांच मार्च को कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

फिर भी यदि मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो विधानसभा सत्र के दौरान भोपाल में संपूर्ण प्रदेश के बिजलीकर्मियों द्वारा रैली निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा। निराकरण न होने पर प्रदेश के बिजलीकर्मियों द्वारा प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। जानकारी उक्त निर्णय का सिंगाजी पॉवर प्लांट के सभी अधिकारी कर्मचारियों ने समर्थन किया।

नईदुनिया से साभार

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