निजीकरण का विरोध, रोडवेज कर्मचारियों ने दिया धरना

यूपी में रोडवेज संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर संघर्ष जारी

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बुधवार को क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज कार्यालय पर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद व रोडवेज कर्मचारी संघ एवं सेंट्रल रीजन वर्कशॉप कर्मचारी संघ के नेताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। कमिश्नर जीएस प्रियदर्शी व एआरएम फाइनेंस यूपी सिंह को अलग-अलग ज्ञापन सौंपा। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन को लेकर वरिष्ठ कर्मचारी नेता मुनेंद्र पाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के अस्तित्व को बचाने व कर्मचारियों की समस्याओं को उजागर करने के लिए यह धरना दिया गया।

समें राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी क्षेत्र की एसी बसों के चलाए जाने के लिए परमिट दिए जाने की राज्य सरकार की घोषणा से परिवहन निगम का अस्तित्व समाप्त होने की समस्या, वर्ष 2000 तक के संविदा कर्मियों को नियमितीकरण तथा शेष संविदा कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से नियमितीकरण के दायरे में लाने की मांग, संविदा कर्मचारियों के फिक्स वेतन की शर्तों को आसान बनाने, परिवहन निगम में बड़े पैमाने पर खाली पड़े पदों पर नियमित भर्ती करने, आउट सोर्स के माध्यम से रखे जाने वाले कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन दिए जाने, मृतक आश्रितों को नियुक्ति दिए जाने, राज्य सरकार के समान डीए प्रदान किए जाने, पुराने एरियर का भुगतान करने, प्राइवेट बसों से यात्री कर का भुगतान लिए जाने, अवैध रूप से हो रही डग्गेमारी पर रोक लगाने, निगम में ठेकेदारी व्यवस्था को समाप्त करने, परिवहन निगम को राजकीय रोडवेज बनाए जाने जैसी मांगों को रखा गया। इसमें दोनों की यूनियनों के दर्जनों कर्मचारियों और पदाधिकारियों ने सहभागिता निभाई।

अमर उजाला से साभार

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