स्थानीय माँगों पर आश्वासन, राज्य स्तरीय माँगों पर बिजली उपभोक्ताओं का संघर्ष होगा तेज

जिलों में प्रदर्शन, जयपुर कूच करेगा “ट्रैक्टर-ट्राली यात्रा”

जोधपुर (राजस्थान)। बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति हनुमानगढ़ नागौर में जोधपुर डिस्कॉम के मुख्य प्रबंधक से वार्ता में कुछ क्षेत्रीय मुद्दों को हल करने का आश्वासन मिला परन्तु राज्य स्तरीय मुद्दों पर अभी सहमति नहीं बनी। ऐसे में संघर्ष समिति ने आंदोलन तेज करने का एलान किया।

पिछले लंबे समय से संघर्षरत बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों की 28 दिसम्बर को जोधपुर डिस्कॉम के मुख्य प्रबंधक अविनाश सिंह हुई से वार्ता हुई। वार्ता में बिजली बिलों में हो रही अनियमितताओं, मीटर में हो रही गड़बड़ियों व कुछ क्षेत्रीय मुद्दों को हल करने का आश्वासन जोधपुर डिस्कॉम प्रबंधक ने दिया। परंतु बकाया बिजली बिल माफ करने, स्थाई शुल्क व अन्य राज्य स्तरीय मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई।

संघर्ष समिति हनुमानगढ़, जोधपुर व नागौर के सदस्यों ने मिलकर आगे पूरे राज्य में आंदोलन करने की रणनीति बनाई व प्रेस को बताया कि अपनी माँगों को लेकर वे जोधपुर डिस्कॉम के सभी जिलों में समितियों को और अधिक सक्रिय करेंगे।

इस कार्यक्रम के तहत वे जनवरी माह में राजस्थान के बाकी जिलों में इस आंदोलन को तेज करेंगे। अलग अलग जिलों में अधीक्षण अभियंता कार्यालयों के आगे धरना व विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही साथ राजस्थान के अलग अलग हिस्सों में आपसी तालमेल के साथ फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में एक ‘ट्रैक्टर ट्रॉली यात्रा’ निकालेंगे जिससे बिजली कंपनियों की मनमानी लूट व राजस्थान सरकार की मिलीभगत को आम जनता में उजागर किया जाएगा।

यह ट्रेक्टर ट्रॉली यात्रा अलग अलग जिलों से होते हुए राज्य की राजधानी जयपुर पहुंचेगी। जिसकी पूरी रूपरेखा अगले हफ्ते तक जारी की जाएगी।

समिति ने राजस्थान सरकार को आम जनता की बिजली सम्बंधित समस्याओं पर गम्भीरता से विचार करने की माँग की। माँगों को पूरा नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने के एलान के साथ आंदोलन और तेज करने की घोषणा की।

बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति की माँगें-

  1. कोरोना महामारी के मद्देनजर सभी उपभोक्ताओं के बकाया बिजली बिलों को तुरंत प्रभाव से माफ किया जाए व महामारी के इस दौर में किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाए।
  2. स्थाई शुल्क, विद्युत शुल्क, फ्यूल सरचार्ज, नगरीय उपकर, ऑडिट व अन्य शुल्कों के रूप में वसूली जा रही राशि को तत्काल बंद किया जाए तथा बढ़ाये गये बिजली के दाम वापस लिये जाएं।
  3. बिजली बिलों में भारी अनियमितताओं को तुरंत प्रभाव से ठीक किया जाए। खराब और तेज गति से चलने वाले बिजली मीटरों को बदला जाए ऐसे घटिया मीटर बनाने वाली कंपनीयों का टेंडर निरस्त किया जाए। पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए उपभोक्ता प्रतिनिधियों के भागीदारी सहित विशेष कमिटी गठन किया जाये।
  4. दिल्ली के अनुरूप राजस्थान में प्रत्येक परिवार को हर माह 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाए।
  5. बिजली (संशोधन) अधिनियम 2020 को खारिज करते हुए केंद्र को अवगत करवाया जाए व निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
  6. सिक्योरिटी राशि के नोटिस को विभाग तुरंत निरस्त करें।
  7. बिजली विभाग और प्राइवेट कंपनियों की तानाशाही, घोटालों व भ्रष्टाचार पर तुरंत रोक लगायी जाये।
  8. आंदोलन के कार्यकर्ताओं पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिये जाए।

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