मज़दूरों ने भरी हुंकार, डीएम ने किया समाधान का वायदा

भारी पुलिस बल के बीच माइक्रोमैक्स गेट पर जोरदार सभा

रुद्रपुर (उत्तराखंड), 26 दिसम्बर। श्रमिक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आज सिडकुल स्थित माइक्रोमैक्स गेट पर मज़दूरों की विशाल सभा में विभिन्न कंपनियों की मज़दूर समस्याओं को हल करने की माँग बुलंद हुई। रैली रोकने के अनुरोध के साथ डीएम ने प्रतिनिधियों से श्रमिक समस्याओं के तत्काल निदान का वायदा किया। मोर्चा ने एक माह में समाधान नहीं तो आंदोलन उग्र करने की चेतावनी दी।

पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आज मोर्चा ने इलाके की विभिन्न कंपनियों में लंबे समय से मौजूद श्रमिक समस्याओं को लेकर सभा के साथ रैली का कार्यक्रम भी रखा था, लेकिन अपर जिलाधिकारी महोदय के एक माह में समाधान के आश्वासन और मोर्चा से जिलाधिकारी महोदया की वार्ता कराने के कारण रैली का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।

प्रशासन की घबड़ाहट का ही परिणाम था कि सभा स्थल पर सुबह से ही भारी पुलिस बल और दमकल तैनात हो गया।

मोर्चा ने दिया ज्ञापन, डीएम ने दिया समाधान का आश्वासन

मोर्चा ने विभिन्न समस्याओं से संबंधित 17 सूत्रीय माँगों का ज्ञापन दिया। इस दौरान मोर्चा प्रतिनिधियों से जिलाधिकारी महोदया ने कहा कि एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी एक माह के भीतर प्राथमिकता क्रम से वार्ता कर सभी समस्याओं का निस्तारण करेगी, जिसकी वे निगरानी करेंगी। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी वार्ता करेंगी जिसमें श्रमिक संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों व कंपनी प्रबन्धन को भी बुलाया जाएगा।

वार्ता में मोर्चा अध्यक्ष दिनेश तिवारी, महासचिव गणेश मेहरा, भगवती के नंदन सिंह, बन्दना बिष्ट, वोल्टास के दिनेश पंत, इंटरार्क के दलजीत सिंह, एलजीबी के पूरन पांडे, डेल्टा के भुवन पंत, करोलिया के हरेंद्र सिंह, नेस्ले के सोहन लाल, महिंद्रा के कुलविंदर सिंह, बजाज मोटर्स से चंदन मेवाड़ी, रॉकेट से गोविंद, पारले से सोनू, गुजरात अम्बुजा से राम जीत आदि शामिल थे।

मज़दूरों ने उठाया अवैध छँटनी-बंदी का मुद्दा

सभा के दौरान वक्ताओं ने भगवती-माइक्रमैक्स के समस्त 351 श्रमिकों की बकाया वेतन सहित यथाशीघ्र सवेतन कार्यबहाली कराने, वोल्टास के समस्त 9 श्रमिकों की सवेतन कार्यबहाली व माँगपत्र सहित समस्त विवादों का निस्तारण, एलजीबी के महामंत्री की कार्यबहाली कराने व अनुचित श्रम अभ्यास पर रोक लगाने, गुजरात अम्बुजा के समस्त पीड़ित श्रमिकों की सवेतन कार्यबहाली की माँग बुलंद की।

इसी के साथ इन्टरार्क पंतनगर व किच्छा के समस्त श्रमिकों की कार्यबहाली सहित माँगपत्रों का निस्तारण, बजाज मोटर्स के समस्त श्रमिकों की कार्यबहाली, करोलिया लाइटिंग में यूनियन उपाध्यक्ष की कार्यबहाली सहित माँगपत्र का निस्तारण, लुकास टीवीएस में श्रमिकों की कार्यबहाली, महिंद्रा & महिंद्रा में कार्यबहाली सहित महिंद्रा कर्मकार यूनियन के माँगपत्र व समस्त विवादों का निस्तारण, अमूल ऑटो फैक्ट्री के राज्य से पलायन पर रोक लगते हुए समस्त श्रमिकों की कार्यबहाली, ऑटोटेक, मेटॉमन माइक्रो टर्नर आदि में कार्यबहाली की माँग उठी।

लंबित माँगपत्रों का तत्काल समाधान हो!

इस दौरान रॉकेट इंडिया, बीसीएच इलेक्ट्रिकल, पारले पंतनगर व सितारगंज; हेन्कल एडिसिब्स, महिंद्रा सीआईई, मंत्री मेटल्स, सेटको-सितारगंज, टाटा ऑटोकॉम, असाल आदि कम्पनियों के मांगपत्रों का निस्तारण के साथ श्रमिक उत्पीड़न पर रोक लगाने, नेस्ले में 5 श्रमिकों की अवैध वेतन कटौती, डेल्टा में समझौते के बाद सेवा शर्तों में कटौती, फैक्ट्रियों में हादसों पर रोक लगाने आदि समस्याएं उठी।

श्रम अधिकारियों की उपेक्षा पर तीखा आक्रोश

सभा व ज्ञापन में श्रमिकों ने श्रम अधिकारियों की उपेक्षा और मामलों को जानबूझकर लटकाने पर रोष प्रकट करते हुए श्रम अधिकारियों को श्रमिक समस्याओं को प्राथमिकता से और त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश जारी करने की माँग उठी। साथ ही प्रदेश की औद्योगिक राजधानी होने के कारण रुद्रपुर में उप श्रमयुक्त के प्रत्येक कार्यदिवस पर बैठने की मुकम्मल व्यवस्था की माँग की गई।

मोर्चा ने एकमत राय से कहा कि श्रमिक समस्याओं के समाधान हेतु स्थाई उच्चस्तरीय कमेटी गठित हो। श्रमिक समस्याओं के निस्तारण के लिए कमेटी में श्रमिक संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों की भी भागीदारी सुनिश्चित हो, मोर्चा के साथ प्रशासनिक स्तर पर मासिक बैठक हो।

किसानों जैसे जज्बे के साथ मज़दूरों को भी उठना होगा!

वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार ने आपदा को पूँजीपतियों के अवसर में बदल दिया है। श्रम क़ानूनी अधिकारों को ख़त्म करके वह 4 लेबर कोड ला रही है। किसान विरोधी कृषक क़ानून थोप दी है। सरकारी संपत्तियों को तेजी से बेच रही है। संवैधानिक अधिकारों को ख़त्म कर रही है। ऐसे में एक बड़े, जुझारू और निर्णायक लड़ाई की ज़रूरत है।

वक्ताओं ने कहा कि आज के कठिन हालात में देश के किसानों ने संघर्ष का जो जज़्बा पैदा किया है, मज़दूर आबादी को भी उसी जज़्बे के साथ आर-पार की लड़ाई के लिए कमर कसनी होगी।

समाधान नहीं तो आंदोलन होगा उग्र

वक्ताओं ने कहा कि स्थितियां लगातार गंभीर होती जा रही हैं, जिससे क्षेत्र के श्रमिकों में तीखा आक्रोश है। एडीएम महोदय की अपील पर फिलहाल आज की रैली को स्थगित किया है, लेकिन श्रमिक समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान नहीं हुआ तो श्रमिकों का सामूहिक आन्दोलन तेज और उग्र होने से रोका नहीं जा सकता है।

मज़दूरों ने चेतावनी दी कि प्रशासन ने एक माह का समय माँगा है, हमने एक माह की मोहलत दी है, यदि मज़दूरों को न्याय नहीं मिला तो मज़दूर बड़े प्रदर्शन के साथ विशाल रैली निकालेंगे।

25 यूनियनों/संगठनों ने की भागीदारी

प्रदर्शन में भगवती श्रमिक संगठन, वोल्टास एम्पलाई यूनियन, एलजीबी वर्कर्स यूनियन, करोलिया लाइटिंग इम्पलाइज यूनियन, रॉकेट रिद्धि सिद्धि कर्मचारी संघ, नैस्ले कर्मचारी संगठन, इंटरार्क मज़दूर संगठन पंतनगर, इंटरार्क मज़दूर संगठन किच्छा, महिंद्रा कर्मकार यूनियन, डेल्टा इम्पलाईज यूनियन, बजाज मोटर्स, पारले मज़दूर संघ पंतनगर, पारले मज़दूर संघ सितारगंज, ब्रिटानिया श्रमिक संघ, याजाकी मज़दूर संगठन, मेटलमान माइक्रो टर्नर्स, गुजरात अंबुजा सितारगंज, बीसीएच मज़दूर संगठन, एडविक श्रमिक संगठन, एडिएंट कर्मकार यूनियन, लॉएड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, राने मद्रास इम्पलाइज यूनियन आदि यूनियनों के साथ मज़दूर सहयोग केंद्र, इंकलाबी मजदूर केंद्र, मज़दूर अधिकार संघर्ष अभियान मासा आदि संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता भगवानदास अज्ञानी इत्यादि शामिल रहे।

आज के प्रदर्शन का नेतृत्व मोर्चा अध्यक्ष दिनेश तिवारी ने किया।

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