पेरू में कृषि श्रमिकों का प्रदर्शन, सरकार ने बढाया दमन

खेती में गुलामों जैसी स्थिति ख़त्म करने की माँग

पेरू। लातिन अमेरिकी देश पेरू में किसान विरोधी कृषि क़ानूनों के बदलाव की माँग के साथ सैकड़ों कृषि श्रमिकों ने पेरू के तट के साथ साथ राजमार्गों को अवरुद्ध करते हुए आंदोलन किया। श्रमिकों ने मज़दूरों की गुलामों जैसी स्थिति ख़त्म करने और श्रम अधिकारों की गारंटी की माँग की। पेरू में इस सप्ताह हुए विरोध प्रदर्शन पर पुलिस और सैन्य बलों द्वारा हुए दमन में अब तक 25 श्रमिक घायल हो गए हैं।

21 दिसंबर को पेरू के सैकड़ों कृषि श्रमिकों ने नए कृषि क़ानून को पारित करने में कांग्रेस की विफलता की अस्वीकृति में पेरू के तट के साथ साथ राजमार्गों को अवरुद्ध करते हुए कृषि आंदोलन किया। ये नया कानून कृषि से जुड़े व्यापार में श्रमिकों के श्रम अधिकारों की गारंटी देगा और श्रमिकों के “गुलामी जैसी स्थिति” में सुधार की कोशिश करेगा जिसे उन्होंने पूर्व कृषि संवर्धन कानून के तहत लगभग 20 वर्षों तक झेला है।

नवंबर में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद निर्माण श्रमिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य कर्मचारियों, खनन श्रमिकों आदि के विभिन्न सामाजिक विरोध प्रदर्शनों ने अपनी मांगों को आगे बढ़ाने के लिए पेरू में नया राजनीतिक माहौल पाया। इस संदर्भ में 30 नवंबर को सैकड़ों कृषि श्रमिकों ने कृषि हड़ताल का आह्वान किया और इका के दक्षिणी तटीय प्रांत में पैनअमेरिकन राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया।

लीमा में हिंसक प्रदर्शन में दो लोगों की मौत हो चुकी है। 20 घायल हुए हैं।

दिसंबर की शुरुआत में श्रमिकों ने इसी तरह की हड़ताल की और पेरु की राजधानी लीमा में खेतिहर मज़दूर कृषि कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरे। इन्होंने करीब 300 किमी लंबा पैनामेरिकाना सुर हाईवे 5 दिनों से जाम कर रखा है। इससे यहां सैकड़ों गाड़ियां फंसी रहीं।

मज़दूरों ने कांग्रेस को नया कानून पारित करने के लिए मजबूर किया हालांकि वह ऐसा करने में विफल रहा। इस सप्ताह हुए विरोध प्रदर्शन पर पुलिस और सैन्य बलों द्वारा कड़ी कार्रवाई की गई और अब तक 25 श्रमिक घायल हो गए हैं।

दमनकारी कृषि क़ानून

एग्रेरियन प्रमोशन लॉ इस समस्या की जड़ है जिसे नब्बे के दशक में फुजीमोरी के नवउदारवादी तानाशाही शासन के दौरान मंजूरी दी गई थी। इस कानून को क्लीम्पर कानून के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि इसे फुजीमोरी की सरकार में कृषि मंत्री और कृषि व्यवसायी जोसे क्लीम्पर द्वारा लाया गया था। पेरू के लिए वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के लिए इस कानून में कृषि व्यवसाय क्षेत्र को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य था।

कृषि व्यवसाय को इस कानून द्वारा दिए गए लाभों में से एक कृषि व्यवसाय कार्यों के लिए एक विशेष श्रम व्यवस्था के साथ-साथ एक विशेष कर व्यवस्था बनाना था। इस कानून में लेबर फ्रेमवर्क एग्रीबिजनेस कंपनियों को आउटसोर्सिंग योजनाओं के तहत श्रमिकों को नियुक्त करने और अस्थायी कार्य अनुबंधों को मंजूरी देने, छुट्टी और बेरोजगारी बीमा जैसे श्रम लाभों का भुगतान नहीं करने के लिए प्रोत्साहित किया गया तथा अधिकार दिया गया।

ये कानून कंपनियों को श्रमिकों को यूनियनों में शामिल होने से रोकने और जनरल लेबर कोड में उल्लिखित की तुलना में पब्लिक हेल्थ इंश्यूरेंस के लिए कम प्रतिशत का भुगतान करने की अनुमति देता है। एग्रीबिजनेस कंपनियों को दिया जाने वाला कर लाभ 30% की सामान्य दर के बजाय आयकर के लिए सिर्फ 15% का भुगतान करना था।

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