एमपी : निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मी करेंगे हड़ताल

कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को भेजा नोटिस

इंदौर. बिजली वितरण के क्षेत्र में निजीकरण का बिजली कर्मियों ने विरोध तेज कर दिया है. इंदौर में आज बिजली कर्मचारियों ने मीटिंग कर विरोध की रणनीति बनाई, जिसमें शामिल होने पहुचे प्रदेश यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्पलाइज एवं इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रांतीय संयोजक वीकेएस परिहार ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को निजीकरण को लेकर एक पत्र भेजा है. जिसमें केंद्र सरकार के बिजली वितरण क्षेत्र में जारी किए गए स्टेंडर्ड विड डॉक्युमेंट को मध्य प्रदेश में लागू नहीं करने की मांग की गई है.

इसके अलावा पत्र में संविदा कर्मियों को नियमित करने, आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं सुरक्षित करने, शासन के द्वारा विद्युत अधिकारी कर्मचारियों की पेंशन गारंटी लेने, कंपनी केडर/संविदा के कर्मचारियों को 50 फीसदी बिजली की छूट और 25 फीसदी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बिजली की छूट प्रदान करने के साथ-साथ मध्य प्रदेश सरकार द्वारा स्थगित किए गए महंगाई भत्ता और वार्षिक वेतन वृद्धि को तत्काल चालू करने और बकाया राशि के भुगतान की मांग की गई है.

एसोशिएसन के सचिव प्रदीप द्विवेदी कहा कि बिजली कर्मचारियों का मुख्य मुद्दा निजीकरण का है. यदि सरकार ने निजीकरण से जुड़े मसले पर ठोस निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर के बिजली अधिकारी-कर्मचारी एकजुट होकर आंदोलन करेंगे. जनवरी में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा. बिजली कर्मचारी निजीकरण को बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेगें.

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