सूचना आयोग ने एएलसी को भेजा कारण बताओ नोटिस

पीड़ित श्रमिक को सूचना ना उपलब्ध कराने पर आयोग खफा

राज्य सूचना आयोग के आदेश के बावजूद पीड़ित श्रमिक को सूचना ना देने पर लोक सूचना अधिकारी/सहायक श्रम आयुक्त, हरिद्वार को उत्तराखंड सूचना आयोग द्वारा 24 नवंबर 2020 को कारण बताओ नोटिस जारी करके पूछा गया है कि सूचना देने के आदेश के उल्लंघन पर क्यों ना दंडात्मक कार्यवाही की जाए।

दरअसल, राज्य सूचना आयोग द्वारा हीरो कंपनी से ग़ैरक़ानूनी रूप से निकले गए अपीलकर्ता श्रमिक अरुण कुमार पुत्र श्री चंद्रपाल सैनी निवासी सलेमपुर राजपूतान द्वारा अपील संख्या 29755/2019 पर दिनांक 31 जनवरी 2020 को आदेश पारित किया गया था कि अपीलकर्ता को मांगी गई सूचना दी जाए। लेकिन लोक सूचना अधिकारी ने दिनांक 4 मार्च 2020 तक कोई सूचना अपीलकर्ता श्रमिक को नहीं दी।

18 दिसंबर को एएलसी को उपस्थित होने का आयोग ने दिया निर्देश

अपीलकर्ता श्रमिक द्वारा 5 मार्च 2020 को अध्यक्ष उत्तराखंड सूचना आयोग को आदेश का परिपालन ना होने की लिखित शिकायत की गई। अपीलकर्ता की शिकायत पर आयोग ने लोक सूचना अधिकारी/सहायक श्रम आयुक्त, कार्यालय उप श्रम आयुक्त रोशनाबाद हरिद्वार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और कहा है कि लोक सूचना अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत क्यों ना आपके विरुद्ध अर्थदंड आरोपित करने की कार्यवाही/विभागीय कार्यवाही की संस्तुति की जाए?

इसी के साथ आयोग ने सहायक श्रमायुक्त को 18 दिसंबर 2020 को 10:30 बजे कार्यवाही में सभी साक्ष्यों के साथ अपने स्पष्टीकरण के साथ उपस्थित रहने का आदेश दिया है। आयोग ने नोटिस की प्रति श्रमायुक्त, उत्तराखंड व उप श्रमायुक्त, हरिद्वार को भी भेजी है।

आदेश के बावजूद एएलसी ने नहीं दी थी सूचना

ज्ञात हो कि अरुण कुमार ने लोक सूचना अधिनियम के तहत उप श्रमायुक्त, हरिद्वार के समक्ष 11/05/2019 को आवेदन दिया। तबसे पूरी सूचना देने की जगह आवेदन श्रम भवन हरिद्वार से हल्द्वानी तक घूमता रहा। उनकी पहली अपील पर उत्तराखंड के श्रमायुक्त ने निर्देश दिए लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। जिसपर उन्होंने राज्य सूचना आयोग में अपील की।

राज्य सूचना आयोग अपीलकर्ता को सूचना उपलब्ध कराने के लिए सख्त हिदायत और आदेश दिया था। लेकिन श्रम अधिकारी अपनी मनमानी चलाते रहे जिससे पीड़ित श्रमिक ने राज्य सूचना आयोग से पुनः अपील की, जिसका संज्ञान लेते हुए आयोग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

सवा तीन वर्षों से संघर्षरत है श्रमिक

पीड़ित श्रमिक अरुण कुमार सैनी हीरो मोटोकॉर्प, हरिद्वार के प्रबंधन के अन्याय के ख़िलाफ़ करीब सवा तीन वर्षों से संघर्षरत है। श्रमिक अरुण कुमार 11 वर्षों से हीरो मोटोकॉर्प कंपनी हरिद्वार में कार्य कर रहा था। प्रबन्धन ने 23 सितम्बर, 2017 को फर्जी आरोपों में उन्हें निलंबित किया और फर्जी जाँच कर बर्खास्त कर दिया।

तबसे श्रमिक का संघर्ष जारी है।

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