हड़ताल से भयभीत योगी सरकार ने यूपी में लगाया एस्मा

दमन : कहीं एस्मा, कहीं धारा-144, तो किसानों पर पानी की बौछारें

मज़दूर वर्ग पर बढ़ते हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में 26 नवम्बर को हड़ताल है और किसानों का 26-27 नवम्बर दिल्ली कूच अभियान जारी है। इससे बौखलाई सरकारों ने दमन और तेज कर दिया है। जहाँ हरियाणा सरकार किसानों का दमन रही है वहीँ उड़ीसा के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने हड़ताल पर प्रतिबन्ध के लिए जनविरोधी एस्मा लगा दिया है, कई राज्यों में धारा-144 लग गया है।

गौरतलब है कि दमन के इस खेल में भाजपा सरकारें तेजी से आगे बढ़ रही हैं, तो कांग्रेस सहित अन्य सरकारें भी जनविरोधी नीतियों को थोपने और दमन का पाटा चलने में पीछे नहीं हैं। उड़ीसा से राजस्थान तक इसे देखा जा सकता है।

योगी सरकार का एक और दमनात्मक क़दम

हड़ताल के ठीक एक दिन पहले योगी सरकार ने अगले छह महीने तक प्रदेश में किसी भी सरकारी विभाग, सरकार के नियंत्रण वाले निगम और प्राधिकरणों आदि में हड़ताल करने पर रोक लगा दी है। प्रदेश सरकार ने अत्यावश्यक सेवाओं के अनुरक्षण, 1996 की धारा 3 की उपधारा (1) के द्वारा दी गई शक्ति का प्रयोग करते हुए प्रदेश में एस्मा लागू कर दिया है।

UP में 6 महीने के लिए लगा एस्मा एक्ट, सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल पर बैन -  Uttar pradesh UP government impose asma act for 6 months government  employees will not go strike

जिसके बाद सरकारी विभाग, सरकार के नियंत्रण वाले निगम और प्राधिकरणों आदि में हड़ताल करने पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव कार्मिक मुकुल सिंघल ने अधिसूचना जारी कर दी है।

इससे पूर्व सोमवार को जारी किए गए एक आदेश में सरकार ने सामूहिक गतिविधियों में भी सीमा बांध दी है।

मई में भी योगी ने लगाया था एस्मा

इससे पहले कोरोना महामारी के बहाने योगी सरकार ने मई के अंत में छह महीने के लिए एस्मा लगाया था। इस छह महीने की अवधि मार्च में पूरी हो रही थी इसलिए सरकार ने अब इस ऐक्ट को छह महीने आगे के लिए और लागू कर दिया है।

उड़ीसा में एस्मा संशोधन प्रस्ताव पारित

उससे पूर्व 23 नवंबर सोमवार को विपक्ष के कड़े विरोध के बीच, उड़ीसा सरकार ने आवश्यक सेवा (रख-रखाव) अधिनियम (एस्मा ) संशोधन विधेयक विधानसभा में पारित कर दिया, जिसमें हड़ताल करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है।

सरकारें लगा रही हैं धारा-144

किसानों के तेवर को देखते हुए भाजपा शासित हरियाणा ने प्रदर्शनकारियों के जुटने को रोकने के लिए सीआरपीसी की धारा 144 लगा दी है। राजस्थान की कांग्रेसी सरकार ने भी धारा-144 लगा दिया है।

किसानो की गिरफ़्तारी, पानी की बौछार

पंजाब के सैकड़ों किसान बुधवार सुबह से ही हरियाणा के साथ लगती अंतर्राज्यीय सीमाओं पर जुटने लगे। तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ उनके ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन के मद्देनजर हरियाणा ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की ओर उनके कूच को प्रतिबंधित कर दिया था।

हरियाणा पुलिस ने राज्य के लगभग 100 किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया। राजस्थान की कांग्रेसी सरकार ने भी धारा-144 लगा दिया है। लेकिन किसानों के जत्थे पूरे देश से आगे बढ़ रही हैं।

अभी मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा के अम्बाला में पुलिस ने किसानों पर इस ठण्ड में पानी की बौछारें छोड़ीं, लाठियां चलायीं लेकिन किसान इन सबके बावजूद बैरिकेट तोड़कर आगे बढ़ गए हैं।

%d bloggers like this: