फैक्ट्री दीवार गिराने से 8 मज़दूरों की मौत, 6 गंभीर

मालिक-ठेकेदार पर हत्या का मुक़दमा दर्ज होना चाहिए!

जोधपुर (राजस्थान)। एक और हादसे ने मज़दूरों को अकाल मौत के मुँह में धकेल दिया। जोधपुर के बासनी औद्योगिक क्षेत्र में एक निर्माणाधीन गुटका फैक्ट्री की दीवार ढहने से वहाँ काम करने वाले मज़दूर दब गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई वहीं 6 से अधिक लोग बुरी तरह घायल हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है, जहाँ इनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार यह दर्दनाक घटना जोधपुर के बासनी थाना क्षेत्र स्थित रीको औद्योगिक क्षेत्र द्वितीय फेस इलाके की है, जहाँ बासनी थाना के समीप बाबा रामदेव मंदिर के पास एक निर्माणाधीन गुटके की फैक्ट्री की दीवार ढह गई। इस फैक्ट्री में टीन शेड लगाने का काम चल रहा था, तभी इस इमारत की दीवार भरभरा कर गिर गई। जिसके नीचे काम करने वाले श्रमिक दब गए।

Jodhpur Factory Mishap, 8 Died, 6 Injured - Jodhpur में निर्माणाधीन फैक्ट्री  की दीवार गिरी, 8 की मौत, 6 घायल | Patrika News

आस-पास के मज़दूर जुटे रहत कार्य में

हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास की फैक्ट्रियों के मज़दूर तत्काल जुट गए तथा मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने का कार्य शुरू किया गया। अबतक मिली जानकारी के अनुसार मौके से 14 से अधिक लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है, जिसमें की आठ लोगों की मौत हो गयी है, जिनकी शिनाख्ती के बारे में प्रयास किये जा रहे हैं। सभी मृतकों के  शवों को  ऐम्स मोर्चरी भिजवाया गया है।

इसके अलावा 6 अन्य मज़दूरों को घायल अवस्था में एम्स और मथुरादास माथुर अस्पताल पहुंचाया गया है जहाँ उनकी स्थिति गंभीर है। मलबे में और मज़दूरों के दबे होने की भी संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

मौके पर पुलिस का भारी जाप्ता भी लगाया गया है, साथ ही बचाव और राहत कार्य भी जारी है। पुलिस, प्रशासन जोधपुर नगर निगम, जोधपुर विकास प्राधिकरण चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सिविल डिफेंस से जुड़ा स्टाफ एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ-साथ आसपास के लोग भी रेस्क्यू में जुटे हैं।

मुख्यमंत्री ने दिए हैं जांच के आदेश

हादसे की जाँच के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आदेश दिए हैं। जिसमें की संभागीय आयुक्त समित शर्मा के अध्यक्षता में पूरे मामले की जांच की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक आश्रित को 2 लाख रूपये तथा घायलों के लिए 40 हजार रुपए प्रति व्यक्ति सहायता राशि देने कि घोषणा की है। फैक्ट्री मालिक और ठेकेदार को लेकर भी प्रशासन और पुलिस पड़ताल में जुट गई है।

ये हादसे नहीं हत्याएं हैं!

दरअसल मुनाफे की अंधी हवस में बेहद ख़राब व असुरक्षित परिस्थितियों में मज़दूरों को खटाने से हादसे दिन ब-दिन बढ़ाते जा रहे हैं और मज़दूरों का अंग-भंग होने से लेकर अकाल मौत होने तक की घटनाएँ आज आम बन चुकी हैं। निश्चित ही ये हत्याएं हैं।

ऐसे में कुछ मुआवजे की घोषणा और कथित जाँच के आदेश महज खानापूर्ति भर हैं। असल में मालिक व ठेकेदार पर हत्या का मुक़दमा दर्ज करके गिरफ़्तारी होना चाहिए!

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