26 को होगा पंजाब में बसों का चक्का जाम

रोडवेज व पनबस के निजीकरण के खिलाफ आंदोलनरत हैं कर्मचारी

जालंधर(पुनीत): पंजाब रोडवेज व पनबस के ठेका कर्मचारियों ने बस अड्डे में धरना प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि लंबे अर्से से मांगे मानने के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई जा रही, जबकि इसके विपरीत रोडवेज व पनबस का निजीकरण करने की तरफ बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वक्ताओं ने कहा कि यह एक संकेतिक धरना प्रदर्शन है इस क्रम में संघर्ष आगे बढ़ाते हुए अमृतसर में 12 नवम्बर को जोनल रैली की जा रही है जिसमें 6 डिपूओं के कर्मचारी हिस्सा लेगें। वहीं, 26 नवम्बर को पंजाब में एक दिवसीय हड़ताल करके बसों का चक्का जाम किया जाएगा जिसके लिए सरकार की नीतियां जिम्मेदार होगी। उन्होंने कहा कि सरकार व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में मांग पत्र भेजने के बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा जिसके चलते ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सरकार कर्मचारियों की मांगे मानने के प्रति गंभीर नहीं है और सिर्फ प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों को बढ़ावा देकर रोडवेज और पनबस को खत्म करने पर तुली है।

पंजाब रोडवेज की ज्वाइंट एक्शन कमेटी व कॉन्ट्रैक्टर वर्कर यूनियन के आह्वान पर हुए सरकार विरोधी प्रदर्शन में जालंधर के दोनों डिपूओं के कर्मचारियों सहित होशियारपुर, नवांशहर, मोगा व फिरोजपुर के 6 डिपूओं के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस मौके मंच पर बैठे रेशम सिंह गिल, सुरिन्द्र सिंह, जगदीश सिंह चाहल, रशपाल सिंह, सुखमिन्द्र सेखू, मलविन्द्र कुमार, बलबीर सिंह, हरकेवल राम ने कहा कि किसानों द्वारा किए जा रहे संघर्ष की तरह सभी को एकमंच पर आने की आवश्यकता है ताकि रोडवेज व पनबस के निजीकरण को रोका जा सके।

उन्होंने कहा कि पंजाब रोडवेज व पनबस को पी.आर.टी.सी. में शामिल करने के फैसले को तुरंत प्रभाव से रोका जाए, कर्ज मुक्त हुई बसों को पनबस से रोडवेज में शिफ्ट किया जाए, टाइम टेबल रिवाइज किए जाए, बिना परमिट के चलने वाली बसों पर तुरंत प्रभाव से एक्शन लिया जाए क्योंकि इन बसों के कारण सरकार को टैक्स का घाटा उठाना पड़ रहा है। रैली में बलजीत सिंह, केवल कुमार, अवतार सिंह तारी, गुरजट सिंह कोकरी, सच्चा सिंह, गुरदयाल सिंह, अमरीक सिंह गिल, सुखजिन्द्र सिंह, अमरीजत सिंह, बलजीत सिंह, रमनदीप सिंह, रजिन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा पंजाब रोडवेज का निजीकरण करने की तरफ तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे कदम उठाए जा रहे है, जिससे विभागीय कर्मचारियों को कई तरह की परेशानियां उठानी पड़ेगी। वहीं इस निजीकरण के चलते कम किराए में सफर करने वाले यात्रियों की कई तरह की सुविधाएं खत्म हो जाएगी। इससे लोगों का बस पास बनना मुश्किल हो जाएगा और कम मुसाफिरों वाले रूट भी बंद हो जाएंगे। लोगों को आने वाले समय में सफर करने में दिक्कतें उठानी पड़ेगी। इसलिए आम जनता को भी इस अंदोलन में साथ देना चाहिए ताकि उनकी सुविधाएं बरकार रह सकें।

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